उदय बुलेटिन
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ऑटोमोबाइल

चचा का कमाल का हुनर, पुरानी बाइक को टार्जन बनाकर किया इशारों का गुलाम

जनाब इनोवेशन और तकनीकी किसी जाति धर्म और डिग्री की मोहताज नही, बल्कि इस इस तरह के मामलात में यह मायने रखता है कि सीखने वाले की ललक क्या है, और वह इसे अपने जीवन मे कैसे लागू कर सकता है !

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

इस मजेदार घटना के तार बरेली से जुड़े हुए है, बरेली मने "झुमका गिरा रे वाला शहर" जहां की अपनी पीसी मतलब प्रियंका चोपड़ा है वहीँ के एक चचा जी हैं मोटर साइकिल से सब जगह फेरी लगाकर समान बेचते हैं। इसी से उनका और उनके परिवार का गुजारा चलता है, तकनीकी सीखने की ललक है तो सारा ज्ञान उन्हीं चीज़ों पर आजमाते है जो उनके पास उपलब्ध है, सो मिलाजुलाकर मोटरसाइकिल पर सारा ज्ञान निकाल कर उसे सुपर बाइक से ऊपर स्टैंडर्ड की बाइक बनाने की कोशिश कर डाली और हकीकत में ऐसा हुआ भी।

एक सामान्य सी बेहद वजनी और पुराने मॉडल की बाइक को इस कदर मोडिफाइड किया कि गाड़ी बनाने वाला खुद इनके पैरों पर गिरकर इसकी खासियतों के बारे में पूंछे।

नाम है मोहम्मद सईद, काम करते है फेरी लगाकर सुर्मा वगैरह बेचने का , सो दिन भर मोटरसाइकिल से पूरे शहर के आस पास के जिलों में घूमना लगा रहता है, लेकिन आजकल चचा अपने बेचने वाले सुर्मे की वजह से कम अपनी बाइक की वजह से ज्यादा पहचाने जा रहे है, गाड़ी में इस तरह की उम्दा तकनीकी का इस्तेमाल किया है कि बड़े-बड़े इंजीनियर अपने दांतों तले उंगली दबा ले।

गाड़ी इशारे से चलती और स्टैंड पर खड़ी हो जाती है:

मोहम्मद सईद के अनुसार उनकी गाड़ी बेहद पुरानी और रेयर मॉडल है जिसका वजन करीब ढाई किविंटल के आस-पास है गाड़ी को मेन स्टैंड पर चढ़ाना और उतारना बेहद ताकत का काम, जनाब सईद खुद इकहरे बदन के मालिक है अगर दिन में 5 बार भी इस बाइक को स्टैंड पर चढ़ाये उतारे तो हालत खस्ता हो जाये, तो चचा ने इसका गजब का तोड़ निकाल लिया, चचा के एक इशारे से गाड़ी बेहद आहिस्ते से अपने स्टैंड से उतरती है और दोबारा इशारा पाकर फिर से मेन स्टैंड पर खड़ी हो जाती है।

गाड़ी को चचा की आवाज में एक बार टार्जन कहकर बुलाया जाए तो बेहद ताकतवर और देर से स्टार्ट होने वाली गाड़ी खुदबखुद स्टार्ट और चोक पर बंद होती है।

मनोरंजन का पक्का इंतजाम :

अगर आप चचा की टार्जन बाइक के आसपास है और आपका मन इलू-इलू गाने को सुनने का कर रहा है तो आपको किसी मोबाइल या संगीतप्रसारक यंत्र की आवश्यकता नहीं होगी, बस चचा अपना इशारा करेंगे और गाड़ी के आगे लगे दो स्पीकर आपको गजब की आवाज में मीठा गाना सुना देंगे, और अगले इशारे पर गाना बंद भी हो जाएगा।

चिल्लर की समस्या, अब और नही :

चचा की बाइक के हेडलाइट के पास एक छोटा डिब्बानुमा बॉक्स है जिसमे अंग्रेजी के अक्षरों से ATM लिखा हुआ है, अगर आप चचा से पांच और दश के सिक्के मांगते है तो यक़ीनन आपको यह बाइक सिक्के भी मुहैया कराएगी

कुलमिलाकर ये मामला हुनर का है, जो किसी भी चीज का मोहताज नही, केवल लगन मांगता है , हालांकि चचा आजकल अपने क्षेत्र के अलावा दूरदराज के क्षेत्रों में भी अपनी करामाती की वजह से जाने जाते है, हमे लगता है कि तकनीकी विशेषज्ञों को चचा के द्वारा उपयोग की गई इस तकनीकी को अन्य जगहों पर प्रयोग करके जीवन को सहज बनाना चाहिए।