UC ब्राउजर ने बांधा बोरिया बिस्तर, मुंबई और गुरुग्राम ऑफिस किये गए बंद

भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर देश मे चल रहे 59 चायनीज एप पर पाबंदी लगाई थी, इस पर अलीबाबा ग्रुप के यूसी ब्राउज़र और यूसी न्यूज़ ने बिना कोई बात कहे अपना काम समेट लिया है।
UC ब्राउजर ने बांधा बोरिया बिस्तर, मुंबई और गुरुग्राम ऑफिस किये गए बंद
UC browser office shut down in indiaGoogle Image

दुनिया की नामचीन ई कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के उपक्रम UC ब्रॉउसर और यूसी न्यूज़ के भारत स्थित दो कार्यालय अब बंद हो गए है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने कर्मचारियों को औपचारिक तरीके से यह सूचना उपलब्ध भी करा दी है कि अब वह भारत मे काम करना बंद कर रहे है इसके एवज में उन्हें कुछ आर्थिक मदद करेगी। सनद रहे कि अलीबाबा ग्रुप के यूसी ब्राउजर के भारत मे दो ऑफिस है जिनमे एक मुंबई तो दूसरा गुरुग्राम से संचालित था। हालांकि सरकार के फैसले के बाद बिना कोई सवाल उठाते हुए कंपनी ने अपना तंबू समेट लिया है।

टिकटोक के जैसे कोई सवाल नहीं:

हालांकि एप बैन वाले मामले में केवल यूसी ब्रॉउसर शामिल नहीं है बल्कि इसके साथ टिक टॉक जैसे प्लेटफार्म भी शामिल रहे है लेकिन सरकार की मनाही के बाद जहां टिक टॉक ने इसे कोर्ट में ले जाने वाली बात भी कही है लेकिन अलीबाबा ग्रुप के यूसी ने इसके बारे में बिना कुछ कहे अपना काम बंद कर दिया है।

क्या लगे थे आरोप:

भारत सरकार ने 59 चीनी एप्स के ऊपर देश के नागरिकों का डाटा चोरी करके देश के खिलाफ काम करने वाली ताकतों के पास पहुँचाने के आरोप लगाए थे और बार-बार चेतावनी जारी करने के बाद जब इन कंपनियों ने सार्थक कदम नहीं उठाये तो सरकार ने मजबूर होकर इन्हें बंद करने का कदम उठाया।

अलीबाबा ग्रुप का है यूसी ब्रॉउसर:

दरअसल विश्वप्रसिद्ध रईस व्यवसायी जैक मा की कंपनी ही यूसी ब्रॉउसर को चलाती है। हालांकि कंपनी ने अपने कर्मचारियों को पैसे देने की भी बात कही है। वर्तमान में यूसी ब्रॉउसर में करीब 55 कर्मचारी कार्यरत है।

लोगों की मांग विकल्प क्या है:

हालांकि इस पर यूसी प्रेमियों के भी तर्क सांमने आये है जिसपर उपयोगकर्ताओं के द्वारा यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यूसी ब्रॉउसर डेटा बचाने में ज्यादा सक्षम था अब उसकी जगह दूसरा विकल्प क्या है? दरअसल यूसी ब्रॉउसर तकनीकी रूप से कम्प्रेशन के सिद्धांत पर काम करता था जिसकी वजह से किसी इमेज, वेबसाइट के दिखाने पर साइज कम करने का प्रयास करता था और इससे डेटा के मामूली मात्रा में कमी आती थी जिसके बारे में तकनीकी विषेशज्ञों द्वारा यह बताया जा रहा है कि इसके विकल्प में ओपेरा मिनी या फिर क्रोम और मोजिला को प्रयोग में लाया जा सकता है।

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उदय बुलेटिन
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