उदय बुलेटिन
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टेक बुलेटिन

बिहार: पायलट नहीं बन सका तो तो घर पर ही हेलीकॉप्टर बना डाला

गरीब किसान के बेटे ने दिखाया कमाल 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

कई बार बचपन में हमने अपने मन में लाखों ख्वाहिशों बुनी होंगी, अपनी उन महत्वकांक्षाओं को पूरी करने के लिए ना जानें कितने अथक प्रयास किये होंगे। लेकिन जब हमारी कोशिशें असफल हुई होंगी तो हम हार मानकर पीछे हट गए होंगे। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी भी हालात में हार नहीं मानते। वो हर मुसीबत से लड़कर खुद को साबित करते हैं और अपनी अलग पहचान बनाते हैं। कुछ ऐसा ही किया है बिहार के छपरा में रहने वाले मिथिलेश प्रसाद ने।

छपरा के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले मिथिलेश प्रसाद बचपन से ही पायलट बनना चाहते थे। लेकिन उनके पायलट बनने का सपना अधूरा ही रह गया। आर्थिक तंगी और शिक्षा के आभाव में वो ना तो पायलट बन सके और ना ही अपने सपनों का गला घोंट सके। लेकिन जब उनका यह सपना पूरा नहीं हुआ तो उन्होंने हार मानने के बजाए खुद को एक और मौका दिया।

मिथिलेश प्रसाद ने जुगाड़ टेक्नोलॉजी के दम पर खुद का हेलीकॉप्टर बना लिया। उनके इस आविष्कार को देखकर आस पास के लोग हैरान हैं। उन्होंने अपनी टाटा नैनो कार को एक हेलीकॉप्टर के रूप में बदल दिया है। अपनी कार के पीछे उन्होंने रोटर ब्लेड और रोटर मास्ट भी लगाया है। यहां तक की उनके कार का अंदरूनी भाग भी हूबहू हेलीकॉप्टर की तरह है।

अपने आविष्कार के बारे में मिथिलेश प्रसाद ने कहा, "बचपन से ही मेरा सपना था कि मैं पायलट बनूं और हेलिकॉप्टर उड़ाऊं लेकिन एक किसान के बेटे का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। इसलिए मैंने इस सपने को एक और रूप दिया और सफलता हासिल की।"

मिथिलेश प्रसाद ने कहा कि “इतने सारे लोग और बच्चे इसे देखने के लिए मेरे घर पर आते हैं। जब यह वाहन गुजरता है, तो लोगों और बच्चों की भीड़ इसे सीट से उठकर देखती है, मुझे यह सब देखकर अच्छा लगता है।”

मिथिलेश का यह हेलीकॉप्टर फ़िलहाल जमीन पर उड़ता है, लेकिन उनके सपनों को पंख जरूर लग गई है। जब भी मिथिलेश अपनी इस कार को लेकर घर से निकलते हैं तो लोग उन्हें मुड़-मुड़ कर देखते हैं।