उदय बुलेटिन
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क्रिकेटर युवराज सिंह
क्रिकेटर युवराज सिंह|google
क्रिकेट

तो इस तरह मिला भारत को अपना “सिक्सरकिंग”..!

” एम् इस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी “ में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत एक डायलॉग बोलते हैं “ हम युवराज से 1 रन से हार गए , पूरा बिहार 357 पर ऑल आउट और युवराज 358 रन, क्या मारा पूरा धागा ही खोल दिया

Divyanshu Singh

Divyanshu Singh

साउथ अफ्रीका के डरबन शहर का किंग्समीड क्रिकेट स्टेडियम में भारत बनाम इंग्लैण्ड का टी 20 इंटरनेशनल मैच रहा था , और ये कोई आम टी २० इंटरनेशनल मैच नहीं था , ये मैच था पहले ICC टी 20 विश्व कप का , जैसा की सभी जानते हैं 2007 ही वो साल था जब पहली बार ICC टी 20 विश्व कप का आयोजन हो रहा था और मेजबानी का मौका साउथ अफ्रीका के हाथ आया था ,विश्व की सारी टीमें वैसे तो टी 20 मैच खेला करती थी पर पहली बार सारी टीमें पुरे जोश और जूनून के साथ पहला ICC टी 20 विश्व कप का ख़िताब अपने नाम करने के लिए आपस में भिड़ने को तैयार थीं , और इसी जोश और जूनून के साथ भारत बनाम और इंग्लैण्ड का भी मैच चल रहा था , भारत की पारी सत्तरहवे ओवर में 2 बॉल के रहते उथप्पा के आउट होने 155/3 थी , तब क्रीज पर आये युवराज सिंह आते ही चौका जड़ा और अगले में एंड्रू फ़्लिंटॉफ़ के लगातार 2 गेंदों पर १ चौका और 1 छक्का लगा दिया और ये बात शायद फ़्लिंटॉफ़ को अच्छी ना लगी और वो दिल पर लेकर युवराज से ज़ुबानी जंग कर बैठे, वो कितनी बड़ी भूल कर बैठे थे इसका अंजादा उन्हें उस समय तो नहीं हुआ पर अगले ही ओवर में होने वाला था , अगला ओवर शुरू हुआ और स्ट्राइक पर युवराज ही थे , उस ओवर में जो हुआ वैसा दुबारा हो ऐसा ,दुनिया का कोई गेंदबाज नहीं चाहेगा | 6 गेंदों पर 6 छक्के बेचारे स्टुअर्ट ब्रॉड बलि का बकरा बन गए थे और युवराज फ्लिंटॉफ की ज़ुबानी जंग का बदला उन 6 छक्कों से ले चुके थे , इसी के साथ सबसे तेज़ इंटरनेशनल अर्धशतक का रिकॉर्ड भी वो अपने नाम कर चुके थे , और उस मैच में युवराज के छक्कों की बारिश से भारत को अपना "सिक्सर किंग"मिला |

यूँ तो युवराज सिंह किसी पहचान के मोहताज़ नहीं है पर समय एक समान कभी नहीं रहता है कभी अप तो कभी डाउन ये हर किसी के ज़िन्दगी में लगा रहता है , 2007 टी 20 विश्व कप भारत अपने नाम कर चूका था अब साल 2011 का समय था इन 4 साल में युवराज एक बड़े खिलाडी बन गए थे जिनके खिलाफ हर टीम रणनीति बनती थी की युवराज को जल्दी आउट करो तो मैच पकड़ में वरना मैच को कितनी दूर ले जायेगा पता नहीं | 2011 ICC विश्व कप भारतीय उपमहाद्वीप पर हो रहा था और यहाँ भी युवराज गज़ब का हरफनमौला खेल दिखते हुए लगातार तीन मैचों में तीन अर्धशतक फिर 1 शतक उसके बाद फिर 1 अर्धशतक के साथ पुरे टूर्नामेंट में 362 रन और बहुमूल्य 15 विकेट लेकर मैन ऑफ़ द सीरीज रहे |

युवराजसिंह 2011 विश्वकप के मैन ऑफ़ द सीरीज
युवराजसिंह 2011 विश्वकप के मैन ऑफ़ द सीरीज
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पर इसी टूर्नामेंट के दौरान उन्हें खून की उल्टियां भी शुरू हो गयी थी , ये बात कुछ साथी खिलाडियों को पता भी थी पर टीम मैनेजमेंट को पता नहीं लगने दिया क्यूंकि युवराज को देश के लिए खेलना था |भारत विश्व कप जीत चूका था सारा देश जश्न में डूबा था , तभी सबको पता चला की युवराज को कैंसर हो चूका है , लोगों ने ये मान लिया की अब युवराज का करियर ख़त्म पर युवराज ने पहले कैंसर को हराया फिर लग गए मैदान पर दुबारा वही रुतबा हासिल करने की फ़िराक में जी तोड़ मेहनत की होने लिए जगह तलाशते रहे जिस दौरान कभी टीम के अंदर तो कभी बाहर होते रहे , पर 2017 में जोरदार वापसी के साथ करियर बेस्ट 150 रनो की पारी खेली, फिर 2017 जून में अंतिम मैच वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेला तब से आज तक लगे हुए हैं टीम में वापसी की फ़िराक में !युवराज कितने बड़े खिलाडी हैं , इस बात का अंदाज़ा महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक" एम् इस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी " के एक में धोनी रुपी एक्टर सुशांत सिंह राजपूत डायलॉग बोलते हैं " हम युवराज से 1 रन से हार गए , पूरा बिहार 357ऑल आउट और युवराज 358 रन, क्या मारा पूरा धागा ही खोल दिया "और ये हकीकत में भी हुआ था साल 1999 कूच बिहार ट्रॉफी के बिहार U19 बनाम पंजाब U19 के मैच में | युवराज सिंह आईपीएल जैसे मंच में अच्छा परफॉर्म करते रहे और इसी का नतीजा रहा की 2015 दिल्ली डेयरडेविल्स ने 16 करोड़ की भरी भरकम रकम देकर अपने टीम में शामिल किया था पर जैसे हर दिन समान नहीं होता वैसे ही युवराज की फॉर्म ने उन्हें परेशान किया और फॉर्म के कारण ही 2019 के आईपीएल ऑक्शन में मुंबई इंडियन ने उन्हें बेस प्राइस पर ख़रीदा | पर जैसे शेर कभी दहाड़ना नहीं भूलता वैसे ही डीवाई पाटिल टी 20 कप में एयर इंडिया से खेलते हुए मात्र 57 गेंदों पर 80 रनो की पारी कस्टम मुंबई के खिलाफ खेल डाली और इसी के साथ खुद के फॉर्म में लौटने का ऐलान भी कर दिया है , और ये फॉर्म भी तब आयी है जब विश्व कप को कुछ महीने ही रह गए हैं , अब आईपीएल ही एक सहारा है जहा उनकी एक्स्ट्राऑर्डिनरी परफॉरमेंस ही उन्हें उनके सपने "2019 विश्व कप " टीम इंडिया का टिकट दिला सकती है |