उदय बुलेटिन
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लक्ष्मी, गणेश की मूर्ति 
लक्ष्मी, गणेश की मूर्ति |amazon.com
अध्यात्म

Diwali 2018: दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा करने से होती है अपार धन की प्राप्ति 

मां लक्ष्मी की पूजा करते समय इन बातों का ध्यान रखना है बेहद जरुरी 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

हिन्दू मान्यता के अनुसार दीपावली (Diwali 2018) हिन्दुओं का सबसे प्रमुख त्यौहार है , पांच दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार में पहले दिन धनतेरस, दूसरे दिन नरक चतुर्दशी, तीसरे दिन दीपावली, चौथे दिन गोवर्धन पूजा और पांचवे दिन भाई दूज मनाया जाता है। पांच दिनों तक चलने वाले इन त्योहारों में सबसे अहम तीसरा यानी बड़ी दिवाली का दिन होता है, इस बार दिवाली 7 नवंबर के दिन मनाई जाएगी।

दीपावली के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है , मान्यता के अनुसार इस दिन लक्ष्मी जी की पूजा करने से धन्य धान्य की प्राप्त होती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण के लिए निकलती हैं। इसलिए दिवाली पर की जाने वाली विशेष पूजा का मकसद, मां लक्ष्मी को घर में लाना होता है। आइए जानें मां लक्ष्मी की पूजा करते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए...

दीपावली के लिए पूजन सामग्री

माँ लक्ष्मी के पूजन में केसर, रोली, चावल, पान का पत्ता, सुपारी, फल, फूल, दूध, खील, बताशे, सिन्दूर, सूखे मेवे, मिठाई, दही गंगाजल धूप, अगरबत्ती , दीपक रुई, कलावा, नारियल और कलश के लिए एक ताम्बे का पात्र।

भगवान गणेश की पूजा यूं तो सभी त्योहारों में की जाती है लेकिन मान्यता के अनुसार इस दिन माँ लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान गणेश की भी विशेष पूजा अर्चना करनी चाहिए।

लक्ष्मी, गणेश और सरस्वती की मूर्ति 
लक्ष्मी, गणेश और सरस्वती की मूर्ति 
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पूजा के समय इन बातों का रखे ध्यान

  • दिवाली की पूजा के दिन सबसे पहले एक बड़ी और साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछा कर उसके ऊपर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां स्थापित रख दें। ध्यान रहे कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम में रहे। लक्ष्मी जी को गणेश जी के दाहिनी ओर विराजमान करें।
  • पूजन करने वाले सभी लोग मूर्तियों के सामने की तरफ बैठें।
  • अब एक कलश को लक्ष्मी जी के पास चावलों पर रखें। कलश के ऊपर एक नारियल को लाल वस्त्र में इस प्रकार लपेट कर रखें कि नारियल का अग्रभाग दिखाई देता रहे।
  • मूर्तियों वाली चौकी के सामने छोटी चौकी रखकर उस पर लाल वस्त्र बिछाएं। कलश की ओर एक मुट्ठी चावल से लाल वस्त्र पर नवग्रह के प्रतीक बनाएं।
  • गणेशजी की ओर चावल की सोलह प्रतीक बनाएं जिन्हें मातृका का प्रतीक माना जाता हैं। नवग्रह और षोडश मातृका के बीच स्वस्तिक का चिह्न बनाएं।
  • अब इसके बीच में सुपारी रखें। छोटी चौकी के सामने तीन थाली और जल भरकर कलश रखें।

पूजा थाली में शामिल करें ये चीज़ें, मिलेगा लाभ

- ग्यारह दीपक ,खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप, सिन्दूर, कुंकुम, सुपारी, पान, फूल, दुर्वा, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी-चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक।