एसबीआई को लोगों ने तगड़ा ज्ञान दे दिया

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया देश की सबसे बड़ी बैंक है लेकिन इसके बाबजूद इस बैंक में समस्याओं का भी अम्बार है
एसबीआई को लोगों ने तगड़ा ज्ञान दे दिया
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडियाGoogle Image

देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक होने के बावजूद इसमें समस्याओं की भरमार है। ग्राहक ने अव्यवस्था को लेकर वीडियो बनाकर शिकायत दर्ज कराई तो इस पर बैंक ने ग्राहक को ही नसीहत दे डाली। हालांकि मामले को बिगड़ता देख बैंक ने अपनी भाषा पर बचाव करने का प्रयास किया।

वर्किंग आवर में भी बैंक कर्मी उपस्थित नही:

मामला महाराष्ट्र प्रदेश के ठाणे शहर से जुड़ा हुआ है जहाँ पर एसबीआई के ही खाताधारक ने बैंक में काम के घंटों में भी बैंक कर्मियों के नदारद होने पर आरोप लगाए। इस दौरान खाता धारक "विनोद" ने आरोप लगाया कि बैंक का सारा लेनदेन का कामकाज 10 बजे सुबह ही शुरू हो जाता है, लेकिन विनोद जब 10 बजकर पांच मिनिट पर बैंक पहुंचे तो उन्हें बैंक के लगभग सभी काउंटर खाली नजर आए, इस पर विनोद ने बैंक के परिसर के अंदर ही मोबाइल के माध्यम से एक वीडियो शूट कर लिया, और इस वीडियो को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ साथ आरबीआई और एसबीआई को टैग करके पोस्ट कर दिया, हालांकि इस मामले में वित्त मंत्रालय की तरफ से कोई बयान नही आया न ही आरबीआई ने कोई बात कही लेकिन एसबीआई ने सबसे पहले अपनी कमी छुपाने के लिए ग्राहक पर ही फोटो और वीडियोग्राफी प्रतिबंधित जोन में वीडियो शूट करने को दंडनीय अपराध बताकर ज्ञान झाड़ दिया।

लोगों ने दिखाई बैंक को ज्ञान की गंगा:

इस मामले पर एसबीआई के सख्ती वाले बयान को देखकर ट्विटर पर ही लोगों ने बैंक को आइना दिखाया। लोगों ने देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को अपने अपने संस्मरण सुनाने शुरू कर दिए, हालात इस कदर खराब हुए की बैंक ने अपने पुराने ट्वीट डिलीट करना ही बेहतर समझा और इसके बाद बैंक ने समस्या बताकर इसे निबटाना बेहतर समझा स्टेट बैंक ने बताया कि उक्त बैंक यूपीएस फेल की समस्या से जूझ रहा था जो कि एक तकनीकी समस्या है जिसका निदान करना बैंक कर्मियों के बस से बाहर था। हालाँकि कुछ देर बाद ही बैंक को सुचारू रूप से परिचालित किया गया।

बेहद आम है समस्याएं:

अगर सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों की दशा और दिशा की बात करे तो काफी हद तक ग्राहकों की तकलीफ न सिर्फ जायज है बल्कि हर बार सही साबित होती है, दरअसल बैंक में नेटवर्क न होना, यूपीएस का खराब होना बेहद आम हो चुका है बैंक में ग्राहक का पासबुक का अपडेट कराना एक जंग जीतने के बराबर माना जाता है।

हालाँकि इस मामले में बैंक कर्मियों भी अपनी समस्याएँ है जिनका निवारण बैंक उच्चाधिकारियों के द्वारा ही संभव है, दरअसल देश का सबसे बड़ा बैंक इन दिनों बैंक कर्मियों की कमी से जूझ रहा है ऊपर से बैंक के सेलिंग टारगेट बैंक कर्मियों को न सिर्फ धीमा कर रहे है बल्कि उनपर अतिरिक्त बोझ डालकर काम को और मंद किया जा रहा है। बाँकी इसके मुकाबले निजी क्षेत्र के बैंक कहीं ज्यादा अच्छे तरीके से काम करते नजर आते है।

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

No stories found.
उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com