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विधवा माँ के लिए बेटा खोज रहा वर, सोशल मीडिया पर बना कौतूहल का विषय 

बेटा अपनी माँ के लिए खोज रहा पति, कहा माँ गुमसुम रहती हैं  

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

मानव जीवन जोड़ों के साथ हमेशा से कसा हुआ आता है जिसमे दुख-सुख, हानि-लाभ, अच्छा-बुरा और पति-पत्नी, ये सब साथ ही रहते है अगर इनमें से कोई जोड़ा टूट जाता है तो बहुत कुछ अलग सा हो जाता है, खासकर पति पत्नी, ये दोनों एक दूसरे के पूरक तो है ही साथ मे मित्रवत सुखदुख के साथी भी है, इस जोड़े में से अगर कोई साथी साथ छोड़कर चला जाये तो जीवन काटना बेहद मुश्किल सा हो जाता है, हमारा आज का वाकया कुछ ऐसा ही है...

मामला पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से जुड़ा हुआ है जहां की फ्रेंच कालोनी निवासी गौरव अधिकारी ने अपने फेसबुक एकाउंट से एक पोस्ट डाली है , जिसमे गौरव ने अपनी पैंतालीस वर्षीया माँ के लिए योग्य वर की तलाश के लिए लोगो से मदद मांगी है।

पोस्ट लिखते हुए गौरव ने बताया है कि उसके पिता का निधन लगभग पांच साल पहले हो चुका है वह कुल्टी में नौकरी करते थे, अब उनके निधन के बाद मेरी माँ डोना अधिकारी, जिनको संगीत सुनना और किताबें पढ़ना बेहद प्रिय है, पिता की मृत्यु के बाद मेरी माँ बेहद गुमसुम रहती है।

हालाँकि मेरी माँ हर वक्त मेरे बारे में ही सोचती रहती है उनका मुख्य ध्येय मेरे उज्ज्वल भविष्य को लेकर है, लेकिन मेरा कर्तव्य भी मेरी माँ के लिए बनता है, अतः कोई आत्मनिर्भर व्यक्ति ( हालांकि पोस्ट में यह भी बताया गया है कि हमें पैसो का कोई लालच नही है फिर भी वर को आत्मनिर्भर होना ही चाहिए) हमारे फोन नंबर पर सम्पर्क कर सकते है।

सोशल मीडिया के इस पोस्ट पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू की जो कभी-कभी बेहद कड़वे नजर आए और कभी उत्साहवर्धन करते नजर आए।

बेटे ने अपनी पोस्ट में अपनी माँ और अपनी स्थिति के बारे में बताया कि उसे नौकरी पेशे के चक्कर मे बाहर जाना पड़ता है उस वक्त माँ बेहद अकेली होती है ऐसे वक्त में माँ दिन भर न तो किताबे पढ़ सकती है और न ही संगीत सुन सकती है, ऐसे टाइम पर ऐसा कोई हो जो माँ को सहारा दे सके और उसकी भावनाओं की कद्र करे, बेटे ने बंगाली भाषा मे लिखी लंबी पोस्ट में यह भी बताया कि भविष्य में उसका भी परिवार होगा, बेटे या बेटियां होंगे जिनकी वजह से उसका शायद उतना ध्यान माँ पर न जा सके उस वक्त के लिए वह इस तैयारी में लगा हुआ है, पोस्ट में गौरव ने अपना मोबाइल नम्बर भी लिखा हुआ है जिसकी वजह से लोग दिलचस्पी भी जता रहे है।

नोट : चूँकि पोस्ट शुद्ध बंगाली भाषा मे लिखी गयी थी सो हमने इसमें जमकर गूगल ट्रांसलेशन का उपयोग किया है अतः भावनाएं बिल्कुल डिट्टो है शब्दों का हेर फेर हो सकता है।  

এটা কোন গা ভাসানো ট্রেন্ড নয়.. এটা আমার মনের ইচ্ছে মা কে নতুন জীবন দেওয়ার... আমি কালকেই বলেছিলাম একটা সিদ্ধান্তের কথা...

Posted by গৌরব অধিকারী on Saturday, November 9, 2019