manoj muntashir shayri on chandrashekhar azad
manoj muntashir shayri on chandrashekhar azad|Twitter (@manojmuntashir)
वायरल बुलेटिन

आजाद को जनेऊधारी तिवारी कहने पर हुआ बवाल, मनोज ने सैद्धांतिक तरीके से धोया

आखिर देश के लिए आजादी की लड़ाई लड़ने वाले आजाद को तिवारी कहने पर बवाल क्यों फैल गया?

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

तिवारी और जनेऊधारी कहने बस से ही लिब्रल्स के मन मे शंकाएं घर कर गयी और मनोज मुंतसिर उर्फ मनोज शुक्ला पर बरस पड़े। लेकिन हमेशा की तरह मनोज ने न सिर्फ उन्हें शांत किया बल्कि तथ्यों के आधार पर तर्क विहीन भी बनाया।

आखिर बवाल हुआ कैसे?

एक शायर है मनोज मुंतसिर, पूरा नाम है मनोज शुक्ला शायद आपने केसरी फ़िल्म का एक जोशीला गीत सुना होगा "तेरी मिट्टी में मिल जावां" जनाब मनोज ने ही इसे अपनी कलम से लिखा है। तो सारा बवाल महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती के दिन 23 जुलाई से शुरू हुआ। दरअसल उस दिन मनोज ने एक कविता सोशल मीडिया के माध्यम से सुनाई।

फिर बवाल खड़ा हो गया:

चंद्रशेखर आजाद सबके चहेते है लेकिन मनोज ने जैसे ही उन्हें तिवारी और जनेऊधारी लिखा सारा बवाल यहीं से उठना शुरू हो गया। इस मामले पर जाने माने पत्रकार और फिल्मों से जुड़े हुए क्रिटिक्स अजय ब्रम्हातमज ने इसको लेकर अपना कड़ा विरोध किया और कुछ लोगों ने तो बाकायदा माफी मांगने की भी बात की।

अजय का ट्वीट देखिए:

मामला यहीं पर नहीं रुक कुछ लोगों ने मनोज पर यह आरोप लगाए की उन्होंने देश के महान क्रांतिकारी को जातीय बंधन में बांधने की कोशिश की है।

हालांकि इस मामले में मनोज ने अपना स्पस्टीकरण दिया और जवाब इतना तार्किक था कि किसी के पास बताने को कुछ बचा ही नही। मनोज ने न सिर्फ अपनी बात को दृढ़ता से रखा बल्कि लोगों को अपने मूल पर गर्व करने की बात भी याद दिलाई। मनोज ने इस बात की भी गारंटी ली कि आप इंटरनेट और अन्य तमाम माध्यमों से ऐसी तश्वीर खोजे जिसमे पंडित चंद्रशेखर आजाद बिना जनेऊ के न हो। मनोज ने यह बताया कि हमने जिस आजाद की तश्वीर अपने दिलो दिमाग मे उकेर कर रखी थी वह आज भी काबिज है और हमेशा रहेगी। मनोज ने यह भी उदाहरण दिया कि अमर क्रांतिकारी भगत सिंह नास्तिक रहे हो लेकिन उनके नाम के आगे लगा हुआ सरदार उनकी पहली और आखिर पहचान रहा ठीक वैसे ही मौलाना अबुल कालाम आजाद के साथ भी रहा और यह सच भी है कि चंद्रशेखर आजाद ने आजादी की लड़ाई जनेऊ पहनकर भी हर एक देशवासियों के लिए लड़ी।

मनोज द्वारा विरोधियों को दिया गया जवाब।

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उदय बुलेटिन
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