Locker Room Chat
Locker Room Chat|Google Image
वायरल बुलेटिन

सोशल मीडिया पर गर्ल्स लाकर रूम ग्रुप की चैट लीक हो गयी, मचा बवाल

बॉयज लाकर रूम (boys locker room) चैट के बाद गर्ल्स लाकर रूम चैट (girls locker room chat) ने सोशल मीडिया पर मचाई गंध

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

पिछले मामले (boys locker room chat) को लेकर जो हाइप छाया हुआ था अब वह उससे दो कदम आगे बढ़ गया है। लोगों के अनुसार सिर्फ लड़के ही नहीं लड़कियां भी अश्लीलता पर उतारू है।

क्या है मामला ?

दरअसल दिल्ली के स्कूल गोइंग लड़कों का एक समूह था जो सोशल मीडिया के एक ग्रुप को संचालित करता था। इस ग्रुप में लड़कियां भी शामिल थी। इस ग्रुप का केवल एक मुख्य उद्देश्य था अपनी अवैध और नाजायज कुंठाओ को बाहर निकालना और इसका सस्ता और बेहद हल्का तरीका है अपने से विषमलैंगिक के लिए शारीरिक शब्द अब इसमे गाली भी शामिल थी और लड़कियों के अंगों की बनावट और साथ ही अंडर गारमेंट्स को लेकर किये गए कमेंट। तो कुलमिलाकर इस ग्रुप में से किसी लड़की ने इसमें की गई चैट को लीक किया और पुलिस ने इस मामले में शामिल लड़कों को तलाशना भी शुरू कर दिया इस मामले पर दिल्ली महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया और बाकायदा अपना मंतव्य भी रखा।

बॉयज लॉकर रूम के बाद आया गर्ल्स लॉकर रूम :

भाई दुनिया मे हर चीज का उल्टा मौजूद है जैसे आग है तो बर्फ है, मीठा है तो कडुवा है, अब इसे चाहे तो संतुलन बनाने की कोशिश कह लीजिये या फिर लोगों का समाज के प्रति नजरिया या फिर समाज के हर पहलू को दर्शाने की कोशिश। जैसे ही लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर लड़कियों का ग्रुप खोजा गया उसे ट्विटर पर लगातार पोस्ट किया जा रहा है और साथ मे ये भी बताया जा रहा है कि लड़कियां किसी मामले में कम नहीं हैं। वो भी पुरुषों के मांसल शरीर पर फब्तियां कसती है और अंग प्रत्यंगों पर चर्चा करती है और अकेले में ऐसी चर्चाएं भी होती है जिन्हें कुंठा निकालना कहा जाता है।

"हमने ट्वीट में कोई फेरबदल नहीं किया है, ज्यों का त्यों उठाकर रख दिया है, इन ट्वीट्स में भाषा न सिर्फ असंयमित है बल्कि खराब भी है। अतः आप ट्वीट अपने निर्णय से पढ़े"

एक यूजर ने तो अभिनेत्री स्वरा भास्करा से बाकायदा सवाल ही पूंछ लिया कि इस पर आपकी क्या राय है? दरअसल स्वरा ने ब्यायज लॉकर रूम मामले में अपना विरोध दर्शाया था।

लड़कियों की अश्लिलता भरी चैट (girls locker room chat) जगजाहिर होने के बाद लोगों ने तो भारतीय पुरुष आयोग की मांग भी रख दी है। हालाँकि इसके जायज होने या न होने से हमारा कोई वास्ता नहीं है।

तो मुआमला अब दोनो तरफ का है जिसमें पुरुषवादी और नारीवादी के पक्षकार आमने-सामने होंगे लेकिन इस बीच मे एक चीज जो बेहद खराब और ग़लत होने जा रही है वह है हमारे बच्चे और उनका भविष्य। हमे इन लॉकर रूम से ज्यादा अपने घर के बच्चे बच्चियों की हरकतों पर हल्की निगरानी रखनी होगी।कि कहीं हमारे बच्चे इस तरह के लॉकरों में बंद तो नहीं हो रहे है?

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com