उदय बुलेटिन
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‘फास्ट फूड’ मतलब बीमारी का घर

जल्द पकने वाला भोजन मतलब बीमारी का घर

Ashutosh

Ashutosh

पणजी, 23 अक्टूबर | जल्दी पकने वाले भोजन (फास्ट फूड) की परंपरा की निंदा करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मंगलवार को पारंपरिक भारतीय भोजन को फिर से अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा, "इंस्टेंट फूड मींस कॉन्सटेंड डिजीज। (जल्द पकने वाला भोजन मतलब बीमारी का घर।)" नायडू ने कहा कि इतनी जनसंख्या को देखते हुए भारत को खाद्य उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर होना चाहिए।

नायडू ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "हमारी आदतें बदलाव से गुजर रही हैं और हम जल्दी पकने वाले भोजन को अपना रहे हैं। जल्द पकने वाला भोजन मतलब बीमारी का घर। खाने की आदतों के बारे में हमें अपने लोगों को समझाना होगा।"


उन्होंने कहा, "अपना भारतीय भोजन समय के अनुसार परीक्षण किया हुआ है और इसकी संरचना मौसमों के अनुसार तैयार की गई है।"
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत को खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के बार में सोचने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, "हमें अपने देश में पैदा होने वाली खाद्य सुरक्षा के संदर्भ में भी सोचना चाहिए। हम आयातित खाद्य सुरक्षा पर निर्भर नहीं रह सकते।"

खाने की आदतों के बारे में हमें सुधार की जरुरत है और, हमें अपने लोगों को समझाना होगा की वो फास्ट फूड खाने की आदत में सुधार लाये । क्योकि ये सेहत के लिए काफी नुकसान देय है । फास्ट फूड के ज्यादा उपयोग से लोगो में दिल से सम्बंधित समस्या , ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्या, अत्यधिक वजन बढ़ना जैसी कई बीमारियों की वजह है ।

गौर करने की बात ये है की पिछले कुछ दशक से भारत में फास्ट फूड का प्रचलन काफी तेजी से फैल रहा है । फास्ट फूड भोजन परंपरा गत भोजन की तुलना में काफी कम समय में तैयार हो जाते है, और इनको पकाना भी काफी आसान होता है । इसी वजह से फास्ट फूड भारत में तेजी से लोकप्रिय होते जा रहे है ।

--आईएएनएस