कोरोना महामारी के बीच दुनिया में बढ़ी भारतीय मसालों और जड़ी बूटियों की मांग

भारतीय मसालों से इम्युनिटी बढ़ा रहे विदेशी, दुनिया ने माना आयुर्वेद का लोहा
कोरोना महामारी के बीच दुनिया में बढ़ी भारतीय मसालों और जड़ी बूटियों की मांग
indian spices and herbs for immunityGoogle image

दुनिया भर में कोरोना माहमारी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और पूरी दुनिया में वैक्सीन की तैयारी हो रही है इसी दौरान विदेशों में भारतीय मसालों की मांग बढ़ी है लोग भारतीय मसालों को इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं

भारतीय मसाले:

अगर यह कहें कि भारतीय गुलामी को लाने में भारतीय मसालों का सबसे बड़ा दोष है तो कोई बड़ी बात नहीं, एक पुरानी छोटी सी कहानी है जो हमने बुजुर्गों से सुनी थी ये कहानी कितनी सच है ये पता नहीं लेकिन प्रषांगिक लगती है....

ठंढे देशों को मांस खाने के लिए सबसे सरल और सहज माना जाता रहा है लेकिन चूंकि रेफ्रिजरेशन की कोई व्यवस्था नही होती थी इसलिए बहुधा मांस खराब हो जाया करता था। जब भारतीय मसाले खासकर कालीमिर्च वहां पहुंची तो वहां के लोगों ने जाना कि इसकी वजह से मांस की शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है और उसी कालीमिर्च का आकर्षण व्यापारियों को भारत खींच लाया और जब उन्हें यहां के मसालों का पता चला तो आँखे खुल गयी। नतीजन यहाँ विदेशियों ने अपनी कालोनी बसानी शुरू कर दी और उसके बाद तो या क्रम चलता रहा।

ये तो हुई कहानी की बात लेकिन अब इस महामारी के दौरान दुनिया को भारत की एक चीज ने चौंकाया हैं। कोरोना के कारण मृत्यु दर में इतनी कमी जिसका सीधा-सीधा कनेक्शन भारतीय मसालों (indian spices and herbs for immunity) से जोड़ा जा रहा हैं जिसमें दालचीनी, सोंठ, जीरा, कालीमिर्च इत्यादि मुख्य है इन मसालों से सिर्फ स्वाद को नहीं बढ़ाया जा सकता बल्कि इम्यूनिटी भी बढ़ाई जा सकती है।

आयुर्वेदिक दवाओं की भारी मांग:

अब आप चाहे गिलोय को ले या फिर अश्वगंधा समेत अन्य दवाओं को, वैश्विक स्तर पर भारतीय आयुर्वेदिक दवाओं की भारी मांग बढ़ी है। चूंकि इस वक्त तक कोरोना की कोई दवा उपलब्ध नहीं है ऐसे वक्त में खुद को तैयार रखना ही अंतिम विकल्प है। भारत मे आयुर्वेदिक दवाओं के निर्यातकों ने जानकारी उपलब्ध कराई है कि हमारे पास दवाओं की इतनी मांग है कि हम उसे पूरा भी नहीं कर पा रहे हैं।

इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर काढ़े की भयानक मांग:

अगर आयुर्वेद से जुड़े हुए लोगों की माने तो आयुर्वेद में तमाम प्रकार के काढों का उपयोग इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए किया जाता है इसे आप भी प्रयोग कर सकते हैं

  • तुलसी (पंचांग पत्ती, जड़, तना, पुष्प और बीज अगर साथ मे सब हो तो बहुत उत्तम रहेगा, अगर सामग्री ताजी है तो और बढ़िया है)

  • दालचीनी ( खरल में कूट ले या मिक्सी में पीस ले)

  • कालीमिर्च ( महीन पीस ले)

  • अदरख या सोंठ( जो भी उपलब्ध हो)

अब इसका अनुपात आपको इस तरह रखना है कि अगर 5 ग्राम कुल समाग्री है तो 1 ग्राम तुलसी, 2 ग्राम अदरक, 1 ग्राम काली मिर्च और 1 ग्राम दालचीनी।

इन सभी को एक कप पानी मे मिलाकर करीब पांच मिनट उबाले, ठंढा करके इसमे स्वादानुसार शहद और नींबू रस को मिलाकर गरमागरम पिये

इससे आपकी इम्यूनिटी बढ़ेगी और कोरोना जैसी महामारी से लड़ने की ताकत मिलेगी। स्मरण रहे यह किसी प्रकार की कोरोना की दवा नहीं है बल्कि आपके शरीर को अंदरूनी तौर पर मजबूत करती है जिससे आपको जल्दी संक्रमण नहीं होता और अगर होता भी है तो आसानी से चला जाता है।

आप इस काढ़े के सेवन के दौरान अगर गिलोय घनवटी का सेवन भी करते तो यह आपको दोहरा लाभ पहुंचाता है।

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उदय बुलेटिन
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