उदय बुलेटिन
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 अनोखा ब्रिज
अनोखा ब्रिज|GajabDuniya
चहल पहल

एक ऐसा पुल जिसे गर्मी के मौसम में बनाया जाता है और बारिश में तोड़ दिया जाता है!

कंबोडिया की मेकोंग नदी पर बना 3300 फ़ीट लम्बा ब्रिज जिसे गर्मी के मौसम में बनाया जाता है और बारिश में तोड़ दिया जाता है. ये ब्रिज कम्बोडिया में कामपोंग चाम और कोह पेन को एक-दूसरे से जोड़ता है. 

Suraj Jawar

Suraj Jawar

वैसे तो हमने कई तरीके के पुल देखे होंगे कुछ सबसे लम्बे तो कोई कांच का पुल पर आज हम जिस तरह के पुल के बारे में आपको बताने जा रहे हैं ये अपने तरीके का दुनिया का एकमात्र पुल है. इस पुल की यह खासियत है, की इसे सिर्फ गर्मी और ठण्ड के मौसम में चालू रखा जाता है. उसके बाद इसे बंद कर दिया जाता है. इतना ही नहीं इसे सिर्फ बंद ही नहीं इस पूरे पुल को तोड़ दिया जाता है. तो चलिए फिर जानते है इस अनोखे तरीके के पुल के बारे में:-

कंबोडिया ब्रिज
कंबोडिया ब्रिज
GajabDuniya

यह अनोखा तरह का ब्रिज कंबोडिया की मेकोंग नदी पर बनाया गया है. इस ब्रिज को गर्मी के मौसम में बनाया जाता है. और बारिश के मौसम के शुरू होते ही इस ब्रिज को तोड़ दिया जाता है. ये ब्रिज कम्बोडिया में कामपोंग चाम और कोह पेन को एक-दूसरे से जोड़ता है. यह पुल अपनी तरह की संरचना के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इस पुल को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते है. ये ब्रिज लगभग 3300 फ़ीट लम्बा है. इस ब्रिज को बनाने के लिए प्रति वर्ष लगभग 50 हजार बाँसो का उपयोग किया जाता है.

ब्रिज का निर्माण करते हुए लोग
ब्रिज का निर्माण करते हुए लोग
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इस पुल को हर साल तोड़ने की मुख्य बजह यह है की बरसात के मौसम में इस नदी का जलस्तर अपने सामान्य जलस्तर से काफी हद तक बढ़ जाता है. बांस कहीं पानी में न बह जाएँ इसलिए ही इस पुल के सारे बाँसो को खोलकर रख लिया जाता है. फिर उन्ही बाँसो की मदद से अगले साल पुल बनाने की तैयारी की जाती है.

50 हजार बाँसो का ब्रिज
50 हजार बाँसो का ब्रिज
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कम्बोडिया में इस पुल को गर्मियों में बनाने और फिर बारिश के मौसम में हटा देने की यह परंपरा कुछ ही वर्षो से नहीं चल रही है, अपितु यह परम्परा यहाँ पिछले कई दशकों से चल रही है. कम्बोडिया में हुए सिविल वॉर के दौरान भी इस तरह के पुल का निर्माण कार्य कर सहायता की गयी थी. इसमें पुल से पैदल यात्री ही नहीं बल्कि साइकिल, मोटरबाइक, कार और ट्रक भी गुजर सकती है. प्रायः इस पुल के ऊपर से गुजरने वाले लोगो को टैक्स के रूप में 100 रियाल चुकाने पड़ते हैं, वहीं विदेशों से आये पर्यटकों को इसके लिए 40 गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ती है.

ब्रिज पर चलते हुए लोग
ब्रिज पर चलते हुए लोग
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हालांकि, कम्बोडिया सरकार ने पिछले साल ही इस बांस के पुल के पास मेकोंग नदी पर एक कंक्रीट के पुल का निर्माण भी कराया है. इसके चलते स्थानीय लोगों में डर है की कहीं बांस के पुल की परम्परा न चली जाए इसलिए वह अभी भी प्रतिवर्ष इस बांस के पुल का निर्माण करते हैं. यहाँ आने वाले विदेशी पर्यटकों का कहना है. की इस बांस के पुल की मजबूती किसी सामान्य पुल से कम नहीं है. यह पुल आज भी उसी मजबूती के साथ बनाया जाता है.जैसा की पहले बनाया जाता है.

हालांकि यहाँ यह कहना मुश्किल होगा की इस बांस के पुल की परम्परा कब तक चलने वाली है पर हम उम्मीद करते हैं की स्थानीय लोगों की यह परम्परा हमेशा कायम रहे.