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Amitabh Bachchan
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बॉलीवुड बुलेटिन

मेगा स्टार अमिताभ बच्चन की अपार लोकप्रियता के पीछे क्या कारण है? 

क्या भूल गए आप लोग : तुम्हारा नाम क्या है बसंती

Abhishek

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Summary

अमिताभ बच्चन दोस्तों के मामले में खुशकिस्मत रहे हैं, चाहे वे अमजद खान साहब हों, प्राण साहब हों, अमर सिंह जी या फिर यश जी, जब जब उनका करियर ढलान पर नीचे की तरफ था, तब तब उनके मित्रों ने उनका भरपूर साथ दिया।

अमितजी का जीवन, उनका अनुशासन, उनकी अदाकारी, सभी कुछ प्रशंसनीय है. कुछ बात है उनमें कि उनके बाद आये हुए अभिनेता अब कहीं नहीं हैं |

सबसे बड़ी बात कि वे एक बहुमुखी एक्टर हैं। अपने हर रोल को ईमानदारी से निभाते हैं। उनकी काम के प्रति लग्न ही है कि वे आज भी “कौन बनेगा करोड़पति” में काम कर रहे हैं। हर उम्र, हर समय और हर दौर के व्यक्ति के साथ उन्होंने काम किया है।

अमित जी की खुद कही हुई कुछ बातें याद आ रही हैं. ये तब की बात है जब उनके कैरियर की लुटिया डूबी हुई थी 1996 के आस पास की | सभी फ़िल्में पिट रही थीं ABCL कंपनी द्वारा 1996 में मिस वर्ल्ड का आयोजन किया गया , लेकिन उसमे बहुत बड़ा नुकसान हुआ | तब अमितजी एक बार अपने पिताजी से बात कर रहे थे | अमित जी ने कहा “ बाबूजी, जीवन में बहुत संघर्ष है”. हरिवंशराय जी ने उत्तर दिया “जीवन है, तो संघर्ष है.”

इस प्रकरण के बाद ही बकौल अमितजी ने, ठाना कि “अगर मैं पान की दूकान भी खोलूंगा तो वो भी पिट जाएगी. मेरा काम है जनता का मनोरंजन | खूब मेहनत की दोबारा | फ़िल्मी पत्रिकाओं में कई किस्से मिलते हैं कि कैसे अमितजी उन गर्दिश के दिनों में भी कभी भी सेट पर देर से नहीं आते थे | फिर KBC आया, बाग़बान जैसी उत्कृष्ट फ़िल्में आयीं, और ये सितारा फिर चमका |

उनकी सफलता के पीछे अनेक कारण हैं- जैसे:

  • उम्दा अभिनय- अमिताभ जी के अभिनय में विविधता है। कॉमेडी हो या एक्शन या कोई गम्भीर किरदार, उन्होंने अपने अभिनय से हर किरदार को जीवंत किया।
  • आवाज- भारी भरकम आवाज के मालिक अमिताभ जी का उच्चारण उन्हें एक अलग ही पहचान देता है। सम्वाद अदायगी हो या नेपथ्य से कहानी को आगे बढ़ाना, उनकी आवाज ने इस काम को बखूबी अंजाम दिया है।
  • किरदार- उनके द्वारा निभाये गए किरदारों ने भी उनकी लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उन दिनों उनके ज्यादातर किरदार आम जीवन से प्रेरित हुआ करते थे। ‘विजय’, जो उनका ज्यादातर फिल्मों में नाम हुआ करता था, से लोग आसानी से जुड़ाव महसूस करते थे क्योंकि उन्हें विजय की कहानी अपनी लगती थी।
  • गायकी- यूं तो अमिताभ जी ने कम ही गाने गाए हैं लेकिन जितने भी गाये हैं, वे सब उम्दा हैं। “रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे गीत के बिना आज भी लोगों की होली अधूरी होती है। बागबान फ़िल्म का उनके द्वारा गाया गया गीत मैं यहां तू वहां, ज़िन्दगी है कहां” लोगों को एक परिपक्व प्रेम की याद दिलाता है। अगर आपने यह गीत नही सुना तो एक बार अवश्य सुनिए।

सभी के जीवन में बुरा दौर आता है जिससे अमिताभ जी भी अछूते नहीं रहे। बुरे दौर को पीछे छोड़ उन्होंने दोबारा लोकप्रियता हासिल की। हालांकि पनामा पेपर्स लीक जैसे विवादों से भी उनका नाता जोड़ा गया।