milind soman and sonam wangchuk on china
milind soman and sonam wangchuk on china|Google Image
बॉलीवुड बुलेटिन

मिलिंद सोमन का पुराना ट्वीट हो रहा वायरल, कहा स्वास्थ्य के लिए चीनी बन्द करो

भारत मे चीनी उत्पादों के बहिष्कार को लेकर एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसका असर होना भी शुरू हो चुका है, देर सबेर ही सही भारत में चीन को चपत लगना निश्चित है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

चीन की गद्दारी लोगों को रास नहीं आई:

लद्दाख के पूर्वी हिस्से में भारतीय सेना के साथ हुई झड़प के बाद भारत की सेना और राजनीतिक स्तर पर चीनी विरोध के बाद अब आम जनता भी चीनी विरोध पर उतर आई है। लोगों के अनुसार चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। अब चीन को उसी के अंदाज में जवाब देना जरूरी हो गया है, इसी क्रम में फिल्मी सितारे मिलिंद सोमन का तीन जून को किया हुआ एक ट्वीट लगातार वायरल हो रहा है जिसमे मिलिंद के द्वारा देश के लोगों से चीनी कम करने की सलाह दी जा रही है। मिलिंद ने देश के लोगों को सलाह दी है कि वो चीनी का उपयोग कम करें और देशी गुड़ ज्यादा खाये ये दोनों तरीके से देश और स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है।

दरअसल मिलिंद ने यह ट्वीट भारत के असली फुंसुक वांगडू "सोनम वांगचुक" की चीनी विरोधी मुहिम के बाद किया था। भारत के महान इनोवेटिव और अनुसंधानकर्ता सोनम जनहितकारी कार्यो के लिए जाने जाते हैं। ज्ञात हो कि सोनम लद्दाख में रहकर ही अपने आविष्कारों को देश दुनिया को समर्पित करते है और चीन की नीतियों के खासे विरोधी है।

कुमार विश्वास ने भी पीएमओ से की अपील:

कवि और पूर्व में आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने भी देश की जनता और प्रधानमंत्री से चीन के निवेश को बाहर निकालने की सलाह दी है। कवि कुमार विश्वास ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि देश मे चीनी निवेश को निकाल कर फेंकना चाहिए और हर उस ठेके को रद्द कर देना चाहिए जिसे चीनियों को दिया गया है। हम महाराणा प्रताप के वंशज हैं हम घास की रोटियां खाकर जिंदा रह सकते है लेकिन अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं कर सकते।

वहीँ सरकारी स्तर पर भी केंद्र ने चीन को अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है खुद प्रधानमंत्री ने विश्व के सामने चीन को चेताया है साथ ही भारत मे 4 जी के लिए प्रयुक्त होने वाले उपकरणों के लिए बीएसएनएल और एमटीएनएल को आदेश जारी किए है कि वो चीनी उपकरणों से परहेज करें। यह निर्देश निजी कंपनियों द्वारा भी बड़े सरलता के साथ लिए जा रहे हैं।

इस तरह की घटनाओं को लेकर चीनी उद्योग दुनिया मे हड़कंप मचना तय है देखना यह है कि भारत जैसे बाजार के विरोध के बाद चीन घुटनों पर कब आता है।

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उदय बुलेटिन
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