उदय बुलेटिन
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जयललिता जैसी है मेरी भी कहानी 
जयललिता जैसी है मेरी भी कहानी |Google
बॉलीवुड बुलेटिन

राजनीति को पर्दे पर उतारने की तैयारी में कंगना, दीपिका को पछाड़ कर बनी नंबर 1 

कंगना रनौत तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और अभिनेत्री जे. जयललिता के जीवन पर आधारित फिल्म का हिस्सा बनने वाली हैं। 

AKANKSHA MISHRA

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साल 2019 में बॉलीवुड शुरुआत से ही राजनीति की भेंट चढ़ता रहा। एक के बाद एक कई पॉलिटिकल बायोपिक फिल्में बनी और रिलीज़ हुई। कुछ फिल्मों को दर्शकों ने पसंद किया तो कुछ फिल्में मात्र पॉलिटिकल प्रोपोगंडा साबित हुई। अब पॉलिटिकल बायोपिक कि लिस्ट में एक और नाम जुड़ने वाला है, और यह नाम है टॉलीवुड और बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस से राजनीति में कदम रखने वाली जयललिता का। यूं तो जयललिता कि मौत के बाद से ही उनकी बायोपिक की चर्चा शुरू हो गई थी, लेकिन साल 2019 में पॉलिटिकल बायोपिक की अपार सफलता को देखते हुए फिल्म मेकर्स ने मन बना लिया है कि अब वे नहीं रुकने वाले हैं।

फिल्म के मेकर्स ने जयललिता के रोल के लिए, मणिकर्णिका की सफलता को देखते हुए कंगना रनौत को चुना है, और इस फिल्म के साथ-साथ कंगना के खाते में एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। कंगना को इस फिल्म के लिए मेकर्स ने 24 करोड़ रूपये बतौर फीस देने का वादा किया है, जो अब तक किसी भी बॉलीवुड एक्ट्रेस को मिले वाले मेहनताने से कहीं ज्यादा है। कंगना से पहले दीपिका पादुकोण बॉलीवुड की सबसे महंगी एक्ट्रेस थी, दीपिका को 'पदमावत' के लिए संजय लीला भंसाली ने 11 करोड़ रूपये दिए थे।

जयललिता जैसी है मेरी भी कहानी 
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जब बात जयललिता के बायोपिक फिल्म कि हो रही हो तो उनसे जुड़ी तमाम बातें दर्शक इस फिल्म में देखना चाहेंगे उसे भी जनना जरुरी है। तो आइए जानते हैं जयललिता को-

  • जयललिता ने अपनी अभिनेत्री माँ संध्या के दबाव के कारण तमिल फिल्मों में काम करना शुरू किया था।
  • जयललिता को बचपन से ही डांसिंग का शौक था, उन्होंने महज तीन साल की उम्र में भरतनाट्यम सीखा था।
  • जयललिता महज 15 वर्ष की आयु में कन्नड फिल्मों की मुख्‍य अभिनेत्री बन चुकी थी।
  • जयललिता की पहली फिल्म मायाबाजार (1957) थी, जिसमें उन्होंने चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम किया था।
  • जयललिता कि पहली फिल्म ‘चिन्नाडा गोम्बे’ (1954) बतौर लीड एक्ट्रेस थी और उनकी आखिरी फिल्म बतौर लीड एक्ट्रेस नायकुडु विनायकुडु’ (1980) थी।
  • तमिल फिल्मों के मशहूर अभिनेता, निर्देशक और निर्माता मारुदुर गोपालन रामचन्द्रन (MGR) से प्रभावित होकर जयललिता ने राजनीति में कदम रखा था।
  • फिल्मी छोड़ने के बाद जयललिता ने एम॰जी॰ रामचंद्रन के साथ 1982 में राजनीतिक करियर कि शुरुआत की।
  • MGR तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने और उन्हीं की तरह जयललिता भी पांच बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी।
  • जयललिता 2016 में पांचवीं बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी, उस समय उनके ऊपर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज था, और इसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी। मुख्यमंत्री रहते हुए करीब 75 दिनों तक जयललिता चेन्नई अपोलो अस्पताल में एडमिट रही और वहीं 5 दिसम्बर 2016 को दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।
जयललिता जैसी है मेरी भी कहानी 
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  • जयललिता की बायोपिक्स फिल्म 2 भाषाओं में तमिल और हिंदी में रिलीज़ होगी। फिल्म का लेखन जानेमाने लेखक विजयेंद्र प्रसाद के जिम्में हैं और इसका निर्देशन ए.एल. विजय. के हाथ है।
  • जयललिता की बायोपिक फिल्म का नाम भी दो भाषाओं में अलग अलग होगा। फिल्म का तमिल नाम ‘थलैवी’ और हिंदी में ‘जया’ होगा।

जयललिता की बायोपिक्स में उनका किरदार निभा रही कंगना खुद को भी जयललिता कि तरह मानती हैं, कंगना का कहना कि उनकी जीवनगाथा भी जयललिता जैसी है। कंगना को अक्सर राजनीति पर भी खुल कर बोलते देखा गया है, और वे प्रधानमंत्री मोदी की समर्थक भी हैं, ऐसे में उम्मीद लगाई जा सकती है कि, जयललिता की तरह कंगना भी बॉलीवुड के बाद राजनीति में दो हाथ आजमा लें। वैसे भी बॉलीवुड सितारों के लिए राजनीति के दरवाजे हमेसा से खुले रहे हैं, हेमा मालिनी से लेकर जयाबच्चन और शत्रुघन सिन्हा से लेकर गोविंदा का राजनीति के अखाड़े में बड़े नेताओं को पटखनी दे चुकें हैं।