जावेद अख्तर कूदे तनिष्क विवाद में, लोगों ने दौड़ा लिया

जावेद अख्तर ने तनिष्क विज्ञापन मामले पर ट्वीट किया तो सोशल मीडिया पर लोगों की नाराजगी का शिकार होना पड़ा। ऐसा पहली बार नहीं है जब जावेद अख्तर को ट्रोल किया जा रहा है
जावेद अख्तर कूदे तनिष्क विवाद में, लोगों ने दौड़ा लिया
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गीतकार और नज्मों के माहिर फिल्मी दुनिया से जुड़े शायर जावेद अख्तर अपनी संजीदगी और चुटीले संवादों के लिए जाने जाते है, बीते दिनों से चल रहे तनिष्क विवाद में अब उनकी इंट्री हो गयी है, लेकिन यहां माहौल थोड़ा अलग नजर आता है दरअसल जैसे ही अख्तर साहब ने व्यंग कसने की कोशिश की लोगों ने उनके द्वारा अन्य मामलों में साधी गयी चुप्पी पर करारे सवाल कर दिए।

कहा लड़के पक्ष को पशु चोर के रूप में देखा जाता है:

जावेद अख्तर ने सुनन्दा वशिष्ठ नामक ट्विटर उपयोगकर्ता के ट्वीट पर लिखते हुए कहा कि..

"दो गैर धर्मों में हुए विवाह पर हमेशा कुछ लोगों को तकलीफ होती है फिर चाहे वह फिल्मी विवाह हो या वास्तविकता वाला, इन मामलों में हमेशा लड़की पक्ष का गुस्सा देखने को मिलता है या फिर इससे कुछ मिलता जुलता होता है। इस नाराजगी का आधार यह होता है कि लड़की को एक संपत्ति की तरह समझा जाता है। नाराज लोग दूल्हे और उसके परिवार को पशु चोर की तरह देखते है, दूसरे मायने में यह एक हिंदी कहावत दूसरे की भैंस खोलने जैसा है"

असली ट्वीट भी देख लीजिए:

इसके बाद शुरू हुआ जवाबों का दौर, दरअसल जावेद साहब अपने विचार लिखकर यह भूल गए कि समाज मे सबके पास तर्क है और लिखने की कला भी, वो बात अलग है कि सब लोग शायरी नहीं कर सकते लेकिन भाषा पर अधिकार तो सबका है, लोगों ने जावेद साहब को चुन-चुनकर गहरे तीर मारे।

सबसे पहले तो सुनन्दा ने ही उन्हें कुछ तीर मारे, सुनन्दा ने हिन्दुओं में विवाह का अर्थ समझाया और बाद में मुस्लिम मर्दों द्वारा काफिरों की बेटी से शादी करके उसे कन्वर्ट करने का जरिया बताया, सुनन्दा ने बताया कि धर्म विशेष में शवाब पाने का यह भी जरिया है, इसे देखा और समझा जाना चाहिए।

ट्विटर यूजर सौरभ कुमार सिंह ने अख्तर साहब को जादू की संज्ञा देते हुए बताया कि चचा उस वक्त आपका अक्ल और ज्ञान कहाँ चला गया था जब बॉम्बे में सिर्फ इसलिए आग लगा दी गयी थी कि ग़दर फ़िल्म में एक मुस्लिम लड़की ने अपनी मांग में सिंदूर लगा लिया था, सौरभ ने बंगाली एक्ट्रेस नुसरत जहां के मामले की याद दिलाते हुए बताया कि चचा प्रेक्टिकल मामलों को भी देख लो जहां एक मुस्लिम महिला के द्वारा अन्य धर्म में विवाह के बाद मुल्ला मौलवियों ने कितनी फर्जी बातें की थी।

लोगों ने वर्तमान समय मे चल रहे सामाजिक ताने बाने का उदाहरण देते हुए बताया कि नाले के किनारे पड़े हुए सूटकेसों में किनके शव मिलते है?

एक उपयोगकर्ता ने तो जावेद साहब को मुँह बन्द करने की भी सलाह दे डाली

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उदय बुलेटिन
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