Gully Boy Filmfare Awards
Gully Boy Filmfare Awards|Google
बॉलीवुड बुलेटिन

फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में फिल्म गली ब्वॉय का बोलबाला, धड़ों में बटी जनता।

लोगों ने फिल्मों का पोस्टमार्टम ही कर दिया, कुछ लोगों ने केसरी के गानों को सबसे बेहतर बताया और कुछ ने ऋतिक रोशन की फ़िल्म सुपर 30 को गली ब्वाय से हज़ारों गुना बेहतर बताया । 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

शायद चयन में देश की भावनाओं का सम्मान नहीं हुआ :

बॉलीवुड में 2019 के अंतर्गत तमाम फिल्में रिलीज हुई, जिंनमे संगीत, कहानी अपने उच्चतम स्तर पर थी। लेकिन अगर फिल्मफेयर की माने तो उनके सभी मापदंड और लोगों की पसंद में गली ब्वाय ही इसकी उम्मीदों पर खरी उतर पायी। फिल्मफेयर ने 2019 की फिल्मों में से सबसे ज्यादा अहमियत रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म गली ब्वाय को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म घोषित किया है। इसके साथ ही अन्य पुरष्कार जिसमे सर्वश्रेष्ठ निर्देशक समेत अन्य पुरष्कार शामिल थे वो सब के सब गली ब्वाय को बाँट दिए गए। जिसकी वजह से ट्विटर के अलावा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फिल्मफेयर को बिकाऊ और पैसों के बल पर खरीदा जाना बताया जा रहा है।

लोगों को निराशा केसरी और सुपर 30 जैसी फिल्मों को लेकर हो गयी :

लोगों के तर्क है कि संगीत के मामले में अगर जूरी और अन्य चयनकर्ताओं को सुपर 30 जैसी फिल्में प्रभावित नहीं कर पाई, और अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म केसरी जैसी फिल्मों का संगीत उन्हें प्रभावित नहीं कर पाया तो ये फिल्मफेयर की गरिमा को गिराने के जैसा है।

केसरी फ़िल्म के गाने "तेरी मिट्टी "के लेखक मनोज ने तो बाय-बाय ही कह दिया।

फिल्मों के चयन को देखकर लोगों ने पहले तो फ़िल्म फेयर की तुलना ऑस्कर से करने के बाद फिर दोनो में अंतर स्थापित करने की कोशिश की, लोगों ने कहा कि फ़िल्मफेयर की पक्षपात वाली नीति ऐसी क्यों है ?

लोगों ने फ़िल्म फेयर के स्पॉन्सर होने वाली बात पर निशाने साधे है, लोगों के अनुसार जब कोई एवार्ड तीसरे पक्ष द्वारा प्रायोजित किया जाता है तो उसमें विसंगतियों के आने की ज्यादा संभावनाएं रहती है।

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उदय बुलेटिन
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