उदय बुलेटिन
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बॉलीवुड बुलेटिन

फ़िल्म छपाक पर लगा एक और आरोप, तथ्य छुपा कर पेश किए गए ! 

एक तो कोढ़ और कोढ़ पर खाज वाली कहावत दीपिका पाडुकोण की फ़िल्म “छपाक” पर सही साबित हो रही है, जिसको लेकर ट्विटर पर बराबर ट्वीट किए जा रहे है। 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

दीपिका पादुकोण अपनी होम प्रोडक्शन फ़िल्म छपाक के प्रोमोशन पर जुटी हुई है इसी के चलते दीपिका पादुकोण लगातार विवादों में चल रहे देश के बहु चर्चित विश्वविद्यालय जेएनयू में पहुच गयी। और वहां पर सरकार और पुलिस के विरोध में लगाये गए नारो को शांत होकर सुनती नजर आयी, बस फिर क्या था देश की अच्छी खासी संख्या को दीपिका के यह प्रोमोशन पसंद नही आया और ट्विटर पर #बायकॉट छपाक नाम का हैशटैग ट्रेंड करने लगा।

पर इसके पीछे एक कहानी और छुपी हुई है :

दरअसल छपाक फिल्म एक एसिड अटैक सर्वाइवर के जीवन पर आधारित है। कि कैसे एक लक्ष्मी अग्रवाल नाम की लड़की के ऊपर 15 साल की उम्र में एक सनकी द्वारा तेजाब डालकर जीवन बर्बाद से कर दिया गया। यहाँ फ़िल्म में इसी घटना को रूपांतरण करके दिखाया गया है, लेकिन इस कहानी में एक पेच है, दरअसल लक्ष्मी अग्रवाल नामक लड़की के ऊपर मात्र पंद्रह वर्ष की उम्र में लगभग 35 वर्ष की उम्र के व्यक्ति नदीम खान ने तेजाब डालकर मारने का प्रयास किया था। लेकिन सूत्रों की माने तो फ़िल्म में तेजाब डालने वाले व्यक्ति का नाम राजेश दिखाया गया है, जिसको लेकर लोगो को आपत्ति है, लोगो के अनुसार धर्म को छिपाकर दूसरे धर्म के लोगो को बदनाम किया जा रहा है, जबकि अगर आपको असलियत दिखानी थी तो आपको नदीम खान का नाम दिखाना चाहिए था।