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चहल पहल

जीजा जी ! संसार का सबसे विलक्षण पद, जिससे आप कभी भी उतार कर फेंके जा सकते है

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

देवनागरी का बिना किसी अतिरिक्त व्याकरण युक्त शब्द जिसमें एक ओर तो सबसे अनायास ही वरदान प्राप्त करने की अनुभूति मिलती है( जीजा +जी) कुल मिलाकर जीता रह की भावना शब्दो मे विकृत प्रकार से घोली जाती है, यह शब्द भले ही पुराणों में कही वर्णित न हो लेकिन अगर इस नाम की महिमा लिखनी पड़े तो हमे छठवां वेद लिखना पड़ेगा, अब आप कंफ्यूज हो रहे होंगे कि पांचवा वेद कौन सा है ? हमे नही पता लेकिन सुना है जो धर्मपत्नी कहे वही वेदसार की श्रेणी में आता है, सो पांचवा वेद उसे ही मानकर चलिये, विवाहित लोग इस से भलीभांति परिचित होंगे ।

अगर जीजा जी नशेड़ी हुए तो फिर क्या कहना, इनका ससुराल में अलग ही रुतबा मिलेगा, ससुराल से लौटते वक्त भी किराया विदाई के रूप में ब्याज सहित वसूल हो जाता है, और ये सब तब तक चलता रहता है जब तक  की कोई दूसरा जीजा वर्तमान जीजा की गद्दी पर आक्रमण करके हथिया नही लेता।

और फिर जैसे ही गद्दी छिनती है , हालात बद से बदतर हो जाते, सालिया बोल दे तो वही गनीमत है, जीजा के बाद का जी ऐसे गायब होता है जैसे चुनाव बाद प्रियंका गांधी अपनी साड़ी को तह करके लोहे की संदूक में रख देती है,  ससुराल जाने के बाद सत्कार मजबूरी में बदल जाता है क्योंकि अगर नही किया तो क्या पता बिदक जाए और फालतू का बवाल खड़ा हो, इसी लिए रस्मो के सरीखे कर के निबटा दिया जाता है, अगर आप अपदस्थ जीजा है तो सर्दियों में ससुराल जाने से बचे , क्योंकि हो सकता है आप जिस बिस्तर पर लेटे उसपर खटमलों का एकाधिकार हो।

कोकाकोला फीके पानी के शर्बत में बदल जाता है, जलेबी की जगह सस्ते होटल के समोसे जो हलवाई ने खास आपके लिए कल शाम को बनाकर रखे थे वो दिए जाएं,

सलहजो को सिर्फ आप ही थोड़ी है काम भी होता है,

वैसे यहां जीजा जी के पावन नाम का वर्णन हो और देश के राष्ट्रीय जीजा जी की बात न हो तो ये अन्याय होगा, वर्तमान में राष्ट्रीय जीजा जी ( जो कि सत्ता विहीन होकर पुराने जीजा की गति को प्राप्त कर चुके है) की स्थिति भी वही है , कभी ईडी बड़े साले साहब की तरह हड़का कर बुला लेती है, तो कभी इनकम टैक्स ससुर साहब की तरह बिटिया को सुख न देने के कारण जबरजस्ती ज्ञान पेलते नजर आ जाते है, तो कभी सीबीआई सास की तरह उलाहना देती हुई मिलती है

वैसे इस बात में मुझे गीता"श्री मद्भागवत गीता" का एक वाक्य बड़ा सुंदर लगता है कि "आज जो तुम्हारा है कल वो किसी और का होगा, और परसो किसी और का होगा"

तो कुलमिलाकर सार यह है कि अगर आप नए-नए जीजा जी बने है तो ज्यादा इतराइये मत, मुंसी प्रेमचंद के शब्दों में "ईश्वर बड़ा कारसाज है"वो अगर एक दरवाजा बंद करता है तो कई दरवाजे खोल देता है" ( "मंत्र" कहानी)

आप अगर आज जीजा जी है तो निश्चित ही केवल जीजा बनेंगे, प्रशन्न रहे, और दूसरे की सत्ता छीनने का प्रयास न करे, क्योंकि अगर फूफा की श्रेणी में आये तो कहानी बड़ी विलक्षण होगी।

नोट- यह कपोल कथा केवल मनोरंजन के लिए है, इसे हल्के ह्रदय से पढ़े, किसी संबंध, रिश्ते नाते पर इसे किसी भी प्रकार का प्रहार न माना जाए