उदय बुलेटिन
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सेमीफाइनल मैच के दौरान भारतीय बॉक्सर एमसी मैरी कॉम और उत्तरी कोरिया उत्तरी कोरिया की किम ह्यांग मी
सेमीफाइनल मैच के दौरान भारतीय बॉक्सर एमसी मैरी कॉम और उत्तरी कोरिया उत्तरी कोरिया की किम ह्यांग मी|IANS
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World Women Boxing: महिला मुक्केबाज मैरी कॉम छठे विश्व खिताब से एक कदम दूर 

भारत की महिला बॉक्‍सर एमसी मैरीकॉम ने दसवीं एआईबीए महिला विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में शामिल हो गई हैं। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली | भारत की दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने यहां जारी विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के 48 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। मैरी कॉम ने गुरुवार को सेमीफाइनल में उत्तरी कोरिया की किम ह्यांग मी को 5-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।

इसी के साथ मैरी कॉम ने विश्व चैम्पियनशिप में अपने छठे स्वर्ण पदक की ओर कदम बढ़ा लिए हैं।

पांच जजों ने मैरी कॉम के हक में 29-28, 30-27, 30-27, 30-27, 30-27 से फैसला दिया। फाइनल में मैरी कॉम का सामना यूक्रेन की हना ओखोटा से होगा।

मैच जीतने के बाद मैरी कॉम ने कहा, "इस खिलाड़ी को मैंने पिछली बार एशियन चैम्पियनशिप के फाइनल में हराया था। इस बार में पूरी तरह से तैयार होकर आई थी और इसलिए एकतरफा मात दी। मैंने उन्हें अपने ज्यादा करीब नहीं आने दिया। चाहे हमे जीतें या हारें हर मुक्केबाज कुछ न कुछ सीखता है कि उसकी क्या कमजोरी है। उसका डिफेंस कमजोर है या अटैक और इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए वह अपने खेल में सुधार करता है।"

उन्होंने कहा, "मैं हना को देखूंगी और उनके खेल पर ध्यान दूंगी। फाइनल में मैं कोशिश करूंगी की जीत हासिल कर सकूं। यहां के दर्शकों ने मुझे बहुत समर्थन दिया है। मैं अपने साथ-साथ देश को भी गर्व करने का मौका दूंगी।" मैरी कॉम इससे पहले हना को पौलेंड में खेले गए टूर्नामेंट में मात दे चुकी हैं।

आपको बता दें कि, मैग्नीफिसेंट मैरी हालांकि इन सभी में एकमात्र ऐसी मुक्केबाज हैं जो पांच बार विश्व चैम्पियन बनने का गौरव हासिल कर चुकी हैं और छठी बार यह कारनामा करने की कोशिश में जुटी हैं। लंदन ओलंपिक की यह कांस्य पदकधारी कई मुक्केबाजों के लिये प्रेरणास्रोत भी है और पैंतीस साल की उम्र में उनका फिटनेस का स्तर शानदार है। अपार अनुभव की धनी मैरीकाम ने हाल में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उनके नाम एशियाई चैम्पियनशिप में भी पांच स्वर्ण और एक रजत पदक हैं।

मैरीकाम ने मां बनने के बाद वापसी करते हुए कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत का परचम लहराया। उन्हीं की तरह डेनमार्क की वाईवोने बाएक रासमुसेन भी दो बच्चों के जन्म के बाद वापसी कर रही हैं जबकि उन्होंने 2008 में खेल को अलविदा कह दिया था, उन्होंने 2014 में ट्रेनिंग शुरू करना शुरू किया।