उदय बुलेटिन
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दिवाली से पहले हजारों होमगार्ड को यूपी सरकार ने दिया झटका

कौन जानता था कि एक ही झटके में यूपी के 25 हजार लोगों की नौकरी चली जाएगी, ये वाकई में बड़ी बात है और दुखद भी लेकिन अब सरकार जो चाहे वो फैसले ले सकती है।

Puja Kumari

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जो लोग नौकरी करते हैं चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट सेक्टर ही क्यों न हो उन सभी को दीवाली जैसे त्योहार का बेसब्री से इंतजार होता है क्योंकि इस दौरान सरकार से लेकर सभी बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए कोई न कोई खुशखबरी या फिर बोनस जरूर देती है। लेकिन लगता है कि यूपी में सरकारी नौकरी करने वाले कुछ लोगों के लिए इस बार की दीवाली भारी पड़ गयी। जी हां आपने अभी हाल ही में यूपी के मुख्यमंत्री योगी सरकार ने एक बड़ा होमगार्ड की नौकरियों को लेकर दीवाली से पहले एक बड़ा विस्फोट किया है। योगी सरकार की माने तो इस बार वो 25 होमगार्ड के नौकरियों के निरस्त कर रही है।

क्या है कारण

अब कई लोगों के मन में ये सवाल आ रहा है कि आखिर योगी सरकार का इतना बड़ा फैसला लेने की वजह क्या है? लेकिन इससे पहले ये जान लें कि होमगार्ड का काम पुलिस स्टेशन की व्यवस्था, ट्रैफिक आदि संभालने का काम करते हैं, इतना ही नहीं इसके अलावा जरूरत पड़ने पर चुनाव या फिर अन्य जगहों पर भी इनकी ड्यूटी लगाई जाती है। इसके लिए इन्हें हर रोज के हिसाब से अलग से पैसे भी दिए जाते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि इन होमगार्ड के वेतन काफी कम होते हैं।

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बीते दिनों जनवरी साल 2019 यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश दिया जिसमें कहा गया कि एक दिन की ड्यूटी की रकम 672 रुपए दिए जाएं जबकि इससे पहले ये रकम 500 रुपये थी मतलब कुल मिलाकर देखा जाए तो सरकार को 172 रुपये बढ़ाने का आदेश दिया गया। पर लगता है कि अब योगी सरकार के पास इतने भी पैसे नही हैं तभी तो उन्होंने एकाएक 25 होमगार्ड के नौकरियों को खत्म करने की बात कही है, हालांकि यूपी में अभी तक कुल 90 हजार होमगार्ड थें।

वैसे ये कोई नई बात नहीं है बल्कि इससे पहले भी अलग अलग समय पर सरकार ने होमगार्ड के नौकरियों को निरस्त यानी कि खत्म किया है। लेकिन जब ये आदेश जारी किया गया इससे पहले प्रदेश केअगर आप पिछले आँकड़ों पर एक नजर डालेंगे तो आपको समझ आएगा कि काफी समय से होमगार्ड का वेतन एक पुलिस कांस्टेबल के बराबर हो गया था लेकिन मौजूदा स्थिति में यूपी सरकार के पास इतने पैसे ही नहीं बचे हैं कि वो इन होमगार्ड के वेतन की पूर्ति कर सके इसलिए इनकी नौकरियों को खत्म करना ही सरकार ने बेहतर समझा।

अगर यूपी में होमगार्ड के पदों की बात करें तो इसकी कुल संख्या 1 लाख 18 हजार है, जिनमें से 19 हजार पदों पर भर्ती नहीं कि गयी है और जो बचे हैं 99 हजार वो कार्यरत हैं। इन होमगार्ड से हर महीने कुल 25 दिन काम लिया जाता था पर इनमें से भी अब 25 हजार की नौकरी छीन गई। अब जितने भी होमगार्ड बचे हैं उनसे 25 की बजाय महज15 दिन ही काम लिया जाएगा। अब कहने का मतलब यह है कि अब जो भी होमगार्ड की नौकरी बची है उन्हें पूरे माह के वेतन में पहले से 6 हजार कम ही दिया जाएगा।

सीधी बात तो ये है कि ये सारा फसाद देश के अर्थव्यवस्था के गिरने की वजह से हो रहा है जिसका असर यूपी के होमगार्ड पर भी देखने को मिल ही गया, लेकिन अफसोस तो इस बात की है कि सरकार इसे अभी भी स्वीकार नहीं करेगी।