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यशवंत सिन्हा और प्रधानमंत्री मोदी 
यशवंत सिन्हा और प्रधानमंत्री मोदी |Google
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अटल बिहारी के सरकार में मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा ने कहा ‘मोदी का जादू’ खत्म हुआ 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक आलोचक रहे बीजेपी के पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने आगामी आम चुनाव में भाजपा को हराने के दो विकल्प बताए।

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली : पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को करारी शिकस्त दी है। विधानसभा चुनाव में आए नतीजों में भाजपा के हाथ से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान तीनों प्रमुख राज्य फिसल चुके हैं। वहीं कांग्रेस की स्थिति अधिक मजबूत हुए है। बीजेपी का गढ़ माना जाने वाला मध्य प्रदेश और छत्तीशगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी से सत्ता छीन ली है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की इस बड़ी हर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आलोचक रहे पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने आगामी लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को हराने के दो विकल्प बताए।

भाजपा के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा ने बुधवार को कहा कि तीन अहम राज्यों के चुनाव नतीजों ने ‘‘ मोदी के जादू की निराधार’’ धारणा को खत्म कर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भगवा दल की हार 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों को एकजुट होने के लिए प्रेरित करेगी।

यशवंत सिन्हा ने कहा, ‘‘ कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों का राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव पूर्व गठबंधन बनाया जाना चाहिए ताकि बीजेपी विरोध मत बंटे नहीं और भगवा दल के प्रत्येक उम्मीदवार की टक्कर में एक उम्मीदवार उतारा जा सके।’’

सिन्हा ने आगे कहा, ‘‘ अगर पहला विकल्प विफल रहता है तो क्षेत्रीय दलों का राष्ट्रव्यापी चुनाव पूर्व गठबंधन बनाया जाना चाहिए जिसमें संभव हो तो कांग्रेस के साथ तालमेल भी बैठाया जा सके।’’

अटल बिहारी सरकार में मंत्री रह चुके सिन्हा ने कह, ‘‘ तृणमूल (पश्चिम बंगाल) का तेदेपा (आंध्र प्रदेश) और द्रमुक (तमिलनाडु) के साथ कोई टकराव नहीं है। यह संभावना है कि क्षेत्रीय दलों को भाजपा के मुकाबले अधिक सीटें मिल सकती हैं। क्षेत्रीय दलों का कांग्रेस के साथ तालमेल होना चाहिए। चुनाव के बाद वह सरकार गठन के लिए साथ आ सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भले ही तीन राज्यों में विधानासभा चुनाव जीत गई है लेकिन उसे खुद को विपक्षी गठबंधन का नेता घोषित करने की गलती नहीं करना चाहिए।

सिन्हा ने कहा कि पांच राज्यों के चुनाव नतीजों ने मोदी के जादू की निराधार धारणा को तहस नहस कर दिया है। इससे विपक्षी दल अगले लोकसभा चुनाव में एक दूसरे के साथ बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे।

यशवंत सिन्हा प्रधानमंत्री मोदी के कड़े आलोचक है, उन्होंने प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि, ‘‘ प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी कौन थे? वह एक राज्य के मुख्यमंत्री थे। विपक्षी दलों में ऐसे कई नेता हैं जो मुख्यमंत्री या मंत्री रह चुके हैं। तो क्या सभी को प्रधानमंत्री बना दिया जाये।"

आपको बता दें कि, यशवंत सिन्हा ने नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद बीजेपी पार्टी छोड़ दी थी। यशवंत सिन्हा आईएएस अधिकारी रह चुके हैं , उन्होंने 1986 में भारतीय जनता पार्टी से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। 1988 उन्होंने राजयसभा का चुनाव जीता था , मार्च 1998 में सिन्हा को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था । यशवंत सिन्हा ने 13 जून 2009 को भाजपा के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।