उदय बुलेटिन
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Politician
Politician|Image Source- Youtube 
देश

“दागदार” पर जीताऊ उम्मीदवार 

देश में वोट के नाम पर राजनीतिक दल वोटरों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोडते, उम्मीदवार अंगूठा छाप हो या दागदार, चुनाव की गंगा में सारे मैल धूल जाते हैं। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

देश में आज राजनीती के नाम पर गुंडागर्दी और बिज़नेस के नाम पर भ्रष्टाचार आम बात है लेकिन स्वच्छ राजनीती की बात करने वाली पार्टियाँ चुनाव जीतने के लिए दागी उम्मीदवारों को टिकट देने से पीछे नहीं हटती। 14वी विधानसभा के शामिल सदस्यों में कई ऐसे विधायक है जिनके ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज है, भाजपा हो या कांग्रेस पार्टी सभी अपने रसूक वाले उम्मीदवारों को टिकट ज़रूर देती है।

भाजपा के 44 व कांग्रेस के 22 विधायक 14वी विधानसभा के दागदार नेता रह चुके हैं। 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में 407 उम्मीदवार ऐसे थे जिनके ऊपर आपराधिक मामले दर्ज थे। चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र में आपको इसका उल्लेख मिल जायेग, लेकिन 407 उम्मीदवारों में से जीत मात्र 70 उम्मीदवारों को ही हाथ लगी। इनमें से 42 उम्मीदवारों पर गंभीर मामले की शिकायत दर्ज थी. 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में 58 दबंग विधायको को जीत हाथ लगी थी।

कुछ दबंग विधायक के चर्चे

  • जालम सिंह पटेल - 2014 के विधानसभा प्रत्याशी जलम सिंह पटेल चुनाव जीतकर राज्यमंत्री बने। मंत्रीजी गोटेगांव हत्याकांड के आरोपी है, इनपर 45 मामले पुलिस स्टेशन में दर्ज हैं।
  • लाल सिंह आर्य - कांग्रेस विधायक लाल सिंह आर्य माखनलाल जाटव हत्याकांड के आरोपी रह चुके है , इनकी कई बार गिरफ़्तारी भी हो चुकी है तथा मामला कोर्ट में लंबित है।
  • नीतू पटवारी - विधायिका नीतू पटवारी के ऊपर कई मामले दर्ज हैं लेकिन शासकीय कार्य में बाधा पहुँचाने के कारन उन्हें अपराधी माना गया और सुनवाई कोर्ट में लंबित है।
  • कमलेश्वर पटेल - फ़र्ज़ी दस्तावेज़ पेश करने सहित अन्य मामलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज़ है, इसके पहले भी इनपर कई मामले दर्ज है और इनका भी मामला कोर्ट में लंबित है।