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आज संसद में पेश होगा गरीब सुवर्ण आरक्षण बिल
आज संसद में पेश होगा गरीब सुवर्ण आरक्षण बिल|Google 
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आज संसद में पेश होगा गरीब सवर्ण आरक्षण संविधान संसोधन बिल,जानें क्या-क्या प्रावधान 

Reservation For Upper Caste Economically Weaker Section: केंद्र सरकार ने बीते सोमवार को गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लेकर सभी को चौंका दिया।

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 'ऐतिहासिक' कदम उठाते हुए गरीब सुवर्णों को सरकारी नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है। मोदी सरकार का यह फैसला नाराज सुवर्णों को मानाने के लिए मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। बीजेपी को समर्थन देने वाली अगड़ी जातियों की लंबे समय से मांग थी कि उन्हें उनके 'आर्थिक रूप से कमजोर' तबकों को नौकरियों एवं शिक्षा में आरक्षण मिलना चाहिए। बीजेपी ने मोदी सरकार की इस नीति को गरीब सुवर्ण के उत्थान में एक 'ऐतिहासिक' कदम बताया है, जबकि विपक्षी दलों की माने तो यह मोदी सरकार का 'चुनावी स्टंट' है। कांग्रेस ने इसे 'चुनावी जुमला' बताया है। तो वहीं मायावती ने कहा अगर बीजेपी इसे अपने कार्यकाल के खत्म होने से पहले लाती तो अच्छा होता, फिलहाल यह 'चुनावी स्टंट' की तरह लगता है।

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हालांकि कांग्रेस सहित तमाम राजनीतिक पार्टियों ने मोदी सरकार के इस कदम को अपना समर्थन व्यक्त किया है। बता दें केंद्र सरकार आज संसद में बिल पेश कर चुकी है , जिसपर चर्चा की जा रही है। केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने संसद में संविधान संसोधन विधेयक पेश किया है। इस प्रस्ताव पर अमल के लिए संविधान संशोधन विधेयक संसद से पारित कराने की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में जरूरी संशोधन करने होंगे।

किसे मिल सकता है आरक्षण का लाभ?

  • केंद्र सरकार ने 10 फीसदी आरक्षण वैसे सवर्णों को देगी, जिनकी सालाना आय 8 लाख से कम हो।
  • जिनके पास खेती के लिए 5 एकड़ से कम की जमीन हो।
  • जिनके पास रहने के लिए 1000 स्क्वायर फीट से कम का घर हो।
  • जिनके पास निगम की 109 गज से कम अधिसूचित जमीन हो।
  • जिनके पास 209 गज से कम की निगम की गैर-अधिसूचित जमीन हो
  • जिन्हें अब तक किसी भी तरह का आरक्षण नहीं मिला हो।
  • जिनकी सालाना आय आठ लाख से कम हो।
  • यह आरक्षण हिन्दू सहित सभी जातियों के लोगों को दिया जायेगा।
  • यह आरक्षण लाभ सरकारी नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में मिलेगा।
  • इस आरक्षण को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में जरूरी संशोधन करने होंगे।

संसद के दोनों सदनों में संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए सरकार को दोनों सदनों में कम से कम दो-तिहाई बहुमत जुटाना होगा। हालांकि लोकसभा में तो सरकार के पास पूर्ण बहुमत है, लेकिन राज्यसभा में उसके पास अपने दम पर विधेयक पारित कराने के लिए जरूरी संख्याबल का अभाव है। हालांकि विपक्षी दलों के समर्थन को देखते हुए ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं की यह बिल आज पास किया जा सकता है। आपको बता दें कि, इस विधेयक के जरिए पहली बार गैर-जातिगत एवं गैर-धार्मिक आधार पर आरक्षण देने की कोशिश की गई है। इस बिल का लाभ सभी जातियों और धर्मों के लोगों को मिलेगा।