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देश

दुबे सरेंडर करने की फिराक में और पुलिस निबटाने की, चूहे बिल्ली का खेल जारी है

यूपी पुलिस से दुश्मनी करके विकास ने अपनी मौत को दावत दी है, पुलिस अब किसी भी बक्त विकास को ढेर कर सकती हैं।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

वैसे भी यूपी पुलिस की वर्दी पर लगे दाग की तभी सफाई हो सकती है जब विकास दुबे अपने किये की सजा वैसे ही पाए जैसा उसने किया है, फिर भी कानून कोई चीज है जिसकी कमियों के फायदा उठाते हुए विकास सरेंडर की चाल चल रहा है, हो सकता है कि विकास सरेंडर करने की कोशिश करे पर पुलिस इस मकसद में रोकने के लिए मुस्तैद है।

उन्नाव में अफरातफरी रही:

शनिवार का दिन उन्नाव शहर के जिला एवंम सत्र न्यायालय के लिए बेहद आम नहीं था, यहां बांकी कामकाज वैसा ही था जैसे चलता आ रहा है लेकिन यहां सिविल ड्रेस के अलावा खाकी वर्दी में भी पुलिस की भारी मात्रा हर संदिग्ध पर नजर रखे हुए थी। मामला था कानपुर के बहुत बड़े हत्याकांड का जहां पर विकास दुबे नाम के गैंगस्टर और पूर्व में राजनेता रह चुके वांछित का, जिसने अपने गांव में दबिश देने आयी पुलिस का स्वागत गोलियों से किया और डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को शहीद कर दिया। मामले में एसओजी और अन्य खुफिया तंत्रों से यह जानकारी मिली थी कि विकास साठगांठ लगाकर उन्नाव कोर्ट में सरेंडर कर सकता है। बस फिर क्या था उन्नाव कोर्ट को लेकर पुलिस बेहद सतर्क हो गयी और नतीजन शाम तक पुलिस इंतजार करती रही लेकिन विकास की कोई जानकारी नहीं मिली।

पुलिस चाहेगी कि विकास कोर्ट न पहुँचे:

अगर सूत्रों की माने तो पुलिस इस मामले में सातवें आसमान ओर काबिज है वह किसी भी तरीके से विकास को कोर्ट नहीं पहुंचने देना चाहती, क्योंकि पुलिस वाकिफ है कि अगर विकास एक बार कोर्ट पहुँच गया तो कानूनी दांव पेंचों की वजह से खुद को बचाने की कोशिश करेगा और क्या पता वह अदालत में यह साबित करने में कामयाब हो जाये कि वारदात के दिन मौके पर मौजूद ही नहीं था। लेकिन इस बार पुलिस का पडला भारी नजर आ रहा है विकास ने अपनी पावर के दम पर उस यूपी पुलिस से दुश्मनी ले ली जिससे अब बच पाना मुश्किल है। लोगों की माने की तो अगर विकास कोर्ट पहुंचने की कोशिश भी करेगा तो यह उम्मीद ज्यादा है कि वहाँ भी गोलियां चले, क्योंकि पुलिस किसी भी हालत में विकास की लाश देखना चाहती है।

पुलिस के सूत्रों ने जानकारी उपलब्ध कराई गयी है कि मौजूदा वक्त में करीब 40 थानों (कानपुर) की पुलिस इस वक्त विकाश के खोजने में लगी हुई है। खोजबीन मे सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को एक साथ रखकर काम किया जा रहा है, कानपुर और उसके आसपास के जिलों में एक-एक वाहन की चेकिंग की जा रही है ताकि हत्यारोपी किसी भी प्रकार से बच कर न जाने पाए।

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उदय बुलेटिन
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