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यूपी पुलिस में 50 के पार भ्रस्ट पुलिसकर्मियों की होगी छंटनी, योगी ने दिया आदेश

योगी सरकार ने रिश्वतखोर और अक्षम पुलिसकर्मियों के खिलाफ कमर कस ली गयी है। डीजीपी हेडक्वार्टर से सभी जोन के आईजी, डीआईजी को एक पत्र जारी किया गया है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

उत्तर प्रदेश की पुलसिंग को लेकर हमेशा से सवाल खड़े होते रहे है, लेकिन अब योगी सरकार में अब भ्र्ष्ट पुलिस अफसरों की खैर नहीं, 50 साल की उम्र पार कर चुके पुलिसकर्मियों पर अब गाज गिरनी तय है। सरकार ने ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची बनाने के निर्देश दिए हैं।

पचास के पार, हो जाओ तैयार:

अगर आप उत्तर प्रदेश पुलिस की सेवा में अपनी सेवाएं दे रहे है और आप पचास की उम्र पार कर चुके है साथ ही आपकी कार्यशैली ठीक नहीं है तो शायद आपके पास ज्यादा वक्त नहीं है क्योंकि अब उत्तर प्रदेश सरकार नाकारा, भृष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कसर छोड़ने वाली नही है। सूत्रों से मिल रही ताज़ा जानकारी के अनुसार डीजीपी हेडक्वार्टर के द्वारा उत्तर प्रदेश के सभी जोन आईजी, डीआईजी और जिला स्तर पर पचास की उम्र पार कर चुके ऐसे पुलिसकर्मियों की लिस्ट बनाने का फरमान जारी हो चुका है जिनकी कार्यशैली पुलिसिंग के हिसाब से ठीक नही है या रिश्वतखोरी के मामले संज्ञान में आये हैं।

होगी सघन स्क्रीनिंग:

हेडक्वार्टर के आदेश के बाद 31 मार्च 2020 को एक आधार दिनांक माना गया है और यह अहर्ता रखी गयी है कि पुलिसकर्मी द्वारा उक्त दिनांक को पचास की उम्र को पार कर लिया गया है साथ ही अगर वह चुस्त दुरुस्त नही है अथवा अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निर्वहन नहीं करता या सर्विस बुक का रिकार्ड सही नहीं है अथवा रिश्वतखोरी जैसे मामले सामने आते है तो उनके वीआरएस दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार डीजीपी हेडक्वार्टर के द्वारा जारी पत्र उत्तर प्रदेश के सभी आला धिकारियों तक पहुँच चुका है साथ ही अब इस पर अमल होना भी शुरू हो गया है। विभाग ने गोपनीय तरीके से 50 की उम्र पार कर चुके पुलिसकर्मियों के रिकार्ड और इतिहास खंगालने शुरू कर दिए है।

पहले भी आया था ऐसा ही आदेश:

अगर महकमे की बात को गौर से सुने तो कई पुलिसकर्मी यह कहते हुए भी नजर आए कि यह आदेश पहले भी आ चुका है जिसमे पचास के पार अक्षम पुलिसकर्मियों को जबरन सेवानिवृत्त दी जानी थी लेकिन अभी तक उस मामले में न तो तेजी दिखी और न ही कोई कार्यवाही नजर आयी।

किस रैंक तक के पुलिसकर्मी दायरे में:

अगर सूत्रों की माने तो इस मामले में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिसकर्मी जांचे और परखे जाएंगे जिनकी उम्र पचासा को लांघ चुकी हो, इस फरमान को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में हड़कंप का माहौल व्याप्त है, देखना यह है कि योगी सरकार इस मामले पर अपना फैसला कब तक सुनाती है।

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उदय बुलेटिन
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