Mau chitrakoot murder case
Mau chitrakoot murder case|Uday Bulletin
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मऊ कस्बे में पुलिस क्षेत्राधिकारी पर ही हत्या कराने का आरोप, अधिकारी निश्चिंत नजर आए

उत्तर प्रदेश पुलिस अपने दामन में लगते हुए दागों से बचना ही नहीं चाहती बल्कि कुछ मामलों में तो दाग अच्छे है कि भावना के साथ दागों को लगाती जा रही है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कर्वी (चित्रकूट) जिले के अंतर्गत आने वाले कस्बे की थाना कोतवाली मऊ से जुड़ा हुआ है।

हत्या के बाद परिजन भटक रहे है:

मामला कर्वी ( चित्रकूट) जिले के मऊ कस्बे से जुड़ा हुआ है जहां पर बीते पखवारे में हुई हत्याओं को लेकर परिजन पुलिस अधिकारियों की खाक छान रहे है। लेकिन पुलिस अपनी जांच का दायरा समेटते हुए मामलों को लगातार दबा रही है। ज्यादा पैरवी करने पर आरोपियों समेत क्षेत्राधिकारी सुभाष चंद्र चौरसिया द्वारा पत्रकारों और परिजनों को हड़काया जा रहा है।

परिजन पुलिस कोतवाली के सामने अपना विरोध दर्ज कराते हुए:

चित्रकूट जिले के मऊ छेत्र में हत्याओं का सिलसिला जारी है जिसमें पीड़ित परिवार के लोगों द्वारा मऊ थाने के पास प्रशासन का क्रूर व्यौहार।

Posted by चेतन तिवारी रूद्र on Tuesday, August 25, 2020

परिजनों ने लगाया हत्या कराने का आरोप:

मामले में पैरवी करने आये मृतक के परिजन ने अपने भाई की हत्या में क्षेत्राधिकारी सुभाष चंद्र चौरसिया पर सीधे-सीधे पैसे लेकर हत्या कराने के आरोप लगाया है। परिजन ने मीडिया और क्षेत्राधिकारी के सामने जोर देकर कहा कि हत्या के वक्त आप मौके पर मौजूद थे और हमारे ड्राइवर ने आपको हत्या के वक्त मौके पर देखा था। साथ ही मृतक के भाई ने बताया कि हत्या के वक्त करीब आठ बजकर आठ मिनिट पर हमने क्षेत्राधिकारी चौरसिया को उनके सीयूजी नम्बर पर काल करके मामले की जानकारी भी दी लेकिन महोदय दूसरी जगह की रवानगी दिखाकर मौके से निकल गए ताकि हत्या हो सके।

वीडियो में अधिकारी का रवैया देखा जा सकता है:

अगर वीडियो पर गौर करें तो क्षेत्राधिकारी किसी भी कार्यवाही से न डरकर पीड़ित को उच्चाधिकारियों के पास जाने की सलाह दे रहे है और पीड़ित की मदद करने की बजाय उन्हें दूसरे तरीके से धमकाते हुए नजर आ रहे है।

वैसे भी उत्तर प्रदेश पुलिस इन दिनों भारी समस्याओं से जूझ रही है और अगर पीड़ित पक्ष का हत्या करवाने का दावा सच्चा निकलता है तो प्रदेश पुलिस के माथे पर यह नया कलंक साबित होगा।

उदय बुलेटिन
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