सूरत से बाँदा लाये गए गए श्रमिक
सूरत से बाँदा लाये गए गए श्रमिक |उदय बुलेटिन
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सूरत से 1205 लोगों को लेकर बाँदा पहुंची ट्रेन, बसों से किया घर रवाना

बाँदा में सोशल डिस्टेंसिंग का खयाल तो रखा गया लेकिन परीक्षण के नाम पर केवल थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। लोगों को शंका है कि अगर इनमें से कोई संक्रमित निकला तो हालात बेहद खराब हो सकते है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

बाँदा में कल सुबह ही गुजरात के सूरत से श्रमिकों (migrant workers) को लाने वाली स्पेशल ट्रेन बाँदा पहुँची। इस ट्रेन से कर्वी, महोबा, फतेहपुर, हमीरपुर और बाँदा के लोग में लाये गए। ट्रेन में सबसे ज्यादा 991 मजदूर बांदा जिले के सवार थे, जबकि फतेहपुर के 54, हमीरपुर-महोबा के 38 और चित्रकूट जिले के 122 प्रवासी मजदूर थे।स्टेशन पर ही सोशल डिस्टेंसिंग का खयाल रखते हुए श्रमिकों को सूचीबद्ध किया गया और थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन (रोडवेज) की बसों में बिठाकर गंतव्य जिलों की ओर रवाना किया गया

श्रमिकों को ले जाती यूपी रोडवेज बस
श्रमिकों को ले जाती यूपी रोडवेज बस उदय बुलेटिन

ट्रेन में लगा टिकट :

ट्रेन से आने वाले एक वाले व्यक्ति ने बताया कि गुजरात के सूरत से बाँदा तक आने के लिए उनसे 600 रुपये टिकट के वसूले गए हैं। इस पर जिला प्रशासन से बात करने पर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं प्राप्त हुआ। लोगों के अनुसार उनके पास पैसों की बेहद कमी थी जिसकी वजह से उन्होंने अपने गृह जनपद जाना बेहतर समझा।

सूरत में खराब है हालात :

सूरत से आये हुए लोगों से बात करने पर पता चला कि इस वक्त सूरत में प्रवासी श्रमिकों के हालात बेहद खराब है। सरकार द्वारा न तो उनके खाने पीने की व्यवस्था पर ध्यान दिया गया है और न ही उनकी कोई मदद की जा रही है। सूरत के ही जल्थान निवासी एक महिला ने फोन पर बताया कि "हमारा राशन खत्म हो चुका है और अभी तक सरकार की ओर से हमे एक दाना भी मुहैया नहीं कराया गया। हम खुद अपने पैसो से अपना और अपने बच्चों का पेट भर रहे है, अब जब पैसे खत्म हो चुके हैं तो अब हमे भूखों रहना पड़ेगा। चूंकि निजी बसों द्वारा जाने पर करीब 4000-5000 रुपये मांगे जा रहे है और हमारी उत्तर प्रदेश सरकार हमें कब तक बुलाती है ये देखना होगा।

सूरत से आये सभी मजदूर 14 दिनों तक इन आश्रय स्थलों में ही क्वारंटाइन में रहेंगे। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार उनकी निगरानी करेंगे

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उदय बुलेटिन
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