Rain spoiled crops
Rain spoiled crops|Google
देश

बुंदेलखंड में हुई बरसात ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेरा। 

लहलहाते खेतों को देखकर जिस किसान का सीना चौड़ा हो रहा था, उस किसान को प्रकृति ने चौबीस घंटे में दो बार धोखा दिया। 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

महीने के आखिरी दिन आयी शामत:

फरवरी माह का अंतिम दिन, जब कई फसलें अपने पकने के उफान पर थी तभी प्रकृति ने अपना कहर दिखाकर किसानों को सोचने पर विवश कर दिया है, बुंदेलखंड के बाँदा, महोबा, कर्व, हमीरपुर और मध्य्प्रदेश के छतरपुर आदि जिलों में बीती रात से दो से तीन बार ओलाबारी और बारिस की घटनाएं सामने आई है। यहाँ आपको बताते चले कि इस वक्त किसान अपनी फसलों के काटने पर विचार कर रहा था तभी आसमानी आफत ने किसानों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

दलहन समेत गेंहू को हुआ नुकसान :

इस बेमौसम बरसात और ओलाबारी में सबसे ज्यादा नुकसान दलहन और गेंहू को हुआ है। जानकारों की माने तो इस वक्त दलहन की फसल जैसे मटर और चना अपने पकान और फुलान पर होती है। लेकिन बारिस ओले और तेज हवाओं ने इन फसलों को या तो तोड़ दिया है या फिर फूल को जमीन पर गिराकर बांझ कर दिया है। यहाँ आपको बताते चले कि ये नुकसान केवल दलहन तिलहन तक ही सीमित नहीं है बल्कि तेज हवाओं और ओलो के साथ पानी की बौछार ने गेंहू जैसी फसल को जमीन से लिटा दिया जिसकी वजह से गेहूं अपने तने से टूट कर गिर गया है, जो अब कभी खड़ा नहीं हो सकता है।

सरकार के सहारे की है दरकार :

किसानों की माने तो अब लगभग उनकी सारी फसल बर्बाद हो चुकी है अब उन्हें सरकार की मदद की जरूरत है। लेकिन किसानों ने इसमें भी सरकारी अमलाशाही के फर्जीवाड़े की आशंका बताई है। किसानों के अनुसार अब उन्हें लेखपालों के शोषण का शिकार होना पड़ेगा।

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उदय बुलेटिन
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