sakshi mishra regret
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साक्षी मिश्रा के सर से उतरा इश्क का भूत, बोली शादी करके पछता रही हूँ।

साक्षी मिश्रा ने कहा आईएएस बनने के बाद ही पिता से बात करुँगी।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

सुना था इश्क अंधा होता है, लेकिन उसमें सोचने समझने की क्षमता जिंदा रहती है, फिर भी लोग चंद दिनों की नई खुशी में पुरानी हज़ारों खुशियां कुर्बान करने से नहीं चूकते। भले ही देर से लेकिन कभी ऐसा वक्त आता है जब उसे किये पर पछतावा होता है। कुछ ऐसा ही हुआ है बरेली की साक्षी के साथ, जिसने पहले घर आने वाले मुँहबोले भाई के साथ आंखे चार की और फिर बाप और भाई को सरेआम आरोप लगाकर बदनाम किया। लेकिन अब शायद साक्षी की आंखे खुलने लगी है , लेकिन एक कहावत है “अब पछताए होत का, जब चिड़िया चुग गयी खेत"

साक्षी मिश्रा का नाम तो याद ही होगा, बरेली के भाजपा विधायक पप्पू भरतौल की बेटी जिसने अपने भाई के दोस्त जिसे साक्षी मुँहबोला भाई कहती थी राखी भी बांधा करती थी। और उसी के इश्क में पड़कर घर से भाग निकली और उसके बाद तमाम वीडियो वायरल करके अपने पिता राजेश मिश्रा, भाई विक्की भरतौल और पिता के सहयोगी राजीव राणा पर अपने और अपने प्रेमी-पति अजितेश को जान से मारने की कोशिश के आरोप लगाए। हालाँकि इस मामले को राजनैतिक रंग देने की भरपूर कोशिश हुई लेकिन राजेश मिश्रा के बयान "मेरी बेटी वयस्क है उसे अपने भविष्य के बारे में निर्णय लेने का अधिकार है, उसे मेरे ओर से कोई डरने की जरूरत नही है, वो जहां भी रहे खुश रहे "कहकर सबके मुँह बंद करा दिए। वहीँ साक्षी मिश्रा जो एक वक्त तक पिता, भाई पर आरोप लगाते हुए नहीं थक रही थी, अब वही साक्षी मिश्रा को अपने घर वालों की याद सता रही है ।

कोई तकलीफ नहीं लेकिन सब बहुत याद आते है :

साक्षी मिश्रा ने यहाँ एक चीज साफ की है कि उसे अपने पति अजितेश और सास-ससुर से कोई तकलीफ नहीं है। वह उसे अपनी बेटी के बराबर दर्जा दे रहे है लेकिन उसे अपने घर की बेहद याद आती है खासकर अपने भाई की, जो उसे बेहद चाहता था। लेकिन मैंने एक भूल कर दी, मुझे पिता और परिवार का मन दुखा कर घर से भागकर शादी नहीं करनी चाहिए थी। साक्षी ने कहा कि उसे अपनी गलती का पूरा एहसास है, उसने अपनों का मन दुखाया है जिसकी वजह से उनको समाज मे भारी जिल्लत झेलनी पड़ी है। लेकिन साक्षी को भरोसा है कि उसके पिता एक दिन उसे माफ कर देंगे।

बनूंगी आईएएस तो पिता माफ करेंगे :

साक्षी ने बताया कि उसके पिता पप्पू भरतौल की हार्दिक इच्छा थी की वह डॉक्टर बने और एग्जाम में उसे बैचलर ऑफ डेन्टिस्ट की शाखा भी मिल रही थी, लेकिन मैंने खुद की मर्जी से उसे नहीं लिया। अब मैने यह निर्णय लिया है कि मैं आईएएस की तैयारी करूंगी और सिलेक्ट होने के बाद ही पिता से बात करूंगी तब पापा खुश होकर माफ कर देंगे।

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उदय बुलेटिन
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