उदय बुलेटिन
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तमिलनाडु सरकार ने सुबह पटाखे चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांगी इजाजत 

तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया कि उसके राज्य में दिवाली पर तड़के 4.30 बजे से 6.30 बजे तक आतिशबाजी करने दी जाए

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली | तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया कि उसके राज्य में दिवाली पर तड़के 4.30 बजे से 6.30 बजे तक आतिशबाजी करने दी जाए क्योंकि राज्य में दीवाली सुबह मनाई जाती है। शीर्ष अदालत ने 23 अक्टूबर को आदेश दिया था कि दिवाली और अन्य धार्मिक पर्वो पर आतिशबाजी रात आठ बजे से 10 बजे तक की जा सकेगी।

आदेश में कहा था कि क्रिसमस और नव वर्ष के मौके पर रात 11.55 बजे से 12.30 बजे तक आतिशबाजी की जा सकेगी।

तमिलनाडु सरकार ने कहा कि तड़के 4.30 से 6.30 बजे तक और रात आठ बजे से 10 बजे तक आतिशबाजी चलाने की अनुमति देने से तमिल लोगों (सुबह) तथा राज्य में रहने वाले देश के अन्य भाग के लोगों को (रात में) दिवाली मनाने की सुविधा मिल जाएगी।

तमिलनाडु में इस वर्ष दिवाली छह नवंबर को तड़के मनाई जा रही है। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि दिवाली के दिन यहां लोग तड़के चार बजे जाग जाते हैं, फिर तेल से नहाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और आतिशबाजी चलाते हुए त्यौहार मनाते हैं।

प्रदेश सरकार ने अनुच्छेद 25 का उल्लेख करते हुए तर्क दिया कि दीवाली अनंत काल से हिंदुओं के लिए एक धार्मिक क्रियाकलाप है और यह अनुच्छेद 25 के अंतर्गत वैध है। अनुच्छेद 25 के अंतर्गत धार्मिक रीति-रिवाज निभाने की आजादी प्रदान की गई है।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश

आपको बता दें कि ,सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस दिवाली, क्रिसमस , विवाह उत्सव और नव वर्ष के मौके पर रात आठ से 10 बजे के बीच पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों का प्रयोग करने की इजाजत दिए है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा इस फैसले की निगरानी के लिए SHO को नियुक्त किया जायेगा , अगर उन्होंने आदेश की अवहेलना की तो उनपर उचित करवाई भी की जाएगी।