बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ऊपर छात्रों ने लगाए लूट खसोट के आरोप

कोरोना काल में राहत देने की बजाय छात्रों को लूटा जा रहा।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ऊपर छात्रों ने लगाए लूट खसोट के आरोप
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छात्रों के अनुसार विश्वविद्यालय लगातार अनचाही फीस लादता जा रहा है, फिर चाहे वह यूनिक आईडी के दोबारा रिक्रिएशन का मामला क्यों न हो, विवि के ऊपर पहले भी छात्रों के ऊपर आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगता आ रहा है ताजा मामले में भी कुछ इसी तरह के आरोप लगाए गए है।

तीसरे सेमेस्टर में बेवजह रजिस्ट्रेशन:

अगर विश्वविद्यालयों में परीक्षा पैटर्न की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय किसी भी परीक्षा के पहले एग्जाम फार्म निकालते है जिसके लिए छात्रों को अपने पूर्व की परीक्षा की जानकारी समेत अन्य जानकारियों को भरना होता है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय जो कि उत्तर प्रदेश के झांसी में स्थित है और बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों के लिए सरकारी और गैरसरकारी महाविद्यालयों के लिए एफिलेशन देकर शिक्षण कार्य सम्पन्न कराता है। लेकिन कोरोना काल के बाद आगामी परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन करने पर छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय पर अवैध तरीके से उगाही करने के आरोप लगाए जा रहे है। छात्रों द्वारा आरोप लगाया गया कि विवि द्वारा रजिस्ट्रेशन से पहले पुरानी रजिस्ट्रेशन आईडी को निरस्त कर दिया गया और नई आईडी जेनरेशन के लिए 100 रुपये प्रति छात्र वसूले जा रहे है।

बैक पेपर में भी बदला पैटर्न:

वह छात्र जो पूर्व की परीक्षा में अनुपस्थित रहे या फिर विषय विशेष को पास नही कर पाए उसके लिए विश्वविद्यालय बैक पेपर का विकल्प जारी करता है, बैक पेपर भरने वाले छात्रों ने भी उदय बुलेटिन को जानकारी देते हुए बताया कि इस बार हर विषय के लिए अलग अलग तरीके से प्रावधान रखा गया है जिसका मुख्य मकसद है कि छात्रों से ज्यादा से ज्यादा पैसे वसूले जा सकें।

रजिस्ट्रेशन नम्बर विश्वविद्यालय का विषय है:

जानकारों की माने तो विद्यार्थियों का पंजीकरण विश्वविद्यालय का अंदरूनी मामला है अगर विश्वविद्यालय को यह लगता है कि उसे अपने रजिस्ट्रेशन नम्बर में बदलाव लाना है या उसे नए सिरे से बनाना है तो उसके लिए छात्र कैसे जिम्मेदार होगा, छात्रों का आरोप है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो विश्वविद्यालय हर बार ऐसे ही नए रजिस्ट्रेशन करके छात्रों से पैसे वसूलता रहेगा, नाम न लिखने की शर्त पर बाँदा में निजी महाविद्यालय के छात्र ने बताया कि वैसे तो महाविद्यालय प्रति सेमेस्टर 2050 रुपये की फीस लगातार लेता आ रहा है, लेकिन अब आईडी जेनरेशन के नाम पर इस बार 100 रुपये ज्यादा वसूले गए, हालांकि इस फीस के लिए छात्र किस प्रकार से जिम्मेदार है यह जानकारी उपलब्ध नहीं।

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उदय बुलेटिन
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