महोबा के चर्चित हत्याकांड में एक अन्य व्यवसायी ने तत्कालीन एसपी मणिलाल की खोली पोल

महोबा के एक अन्य विस्फोटक व्यवसायी केशव सविता ने एसआईटी को बताया कि पुलिस को घूंस न देने पर मुझे और मेरे परिवार को फर्जी मुकदमों में फंसा कर थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया।
महोबा के चर्चित हत्याकांड में एक अन्य व्यवसायी ने तत्कालीन एसपी मणिलाल की खोली पोल
indrakant tripathi mahoba murder caseGoogle Image

महोबा जिले के चर्चित इन्द्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड की जाँच चल रही है इस मामले में अन्य विस्फोटक व्यवसायी केशव सविता ने एसआईटी के सामने अपनी पीड़ा सुनाई, केशव ने एसआईटी को बताया कि पांच लाख रुपये न मिलने पर उसके उसके पुत्र एवं पत्नी पर फर्जी मुकदमे लादकर थर्ड डिग्री का प्रयोग कराया गया, इस मामले में तत्कालीन कबरई थानाध्यक्ष शामिल रहे थे।

तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार की मुश्किलें बढ़ी:

कबरई के इन्द्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड मामले में एसआईटी के गठन होने के बाद अन्य लोग भी एसपी के खिलाफ गवाही देने एसआईटी के सामने पहुँचने लगे है। इस मामले में सबसे पहले कबरई के विस्फोटक व्यवसायी केशव सविता ने अपने बयान दर्ज कराए है और खुद एसआईटी एवं महोबा पुलिस ने इस मामले में मीडिया कर्मियों के साथ आम नागरिकों से इस मामले में अपने बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया है।

केशव सविता बने थे एसपी का शिकार:

मामले में मृतक इन्द्रकांत त्रिपाठी के परिजनों के बाद सबसे पहले व्यापारी केशव सविता ने एसआईटी के सामने आकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। केशव सविता ने एसआईटी को बताया कि कैसे पांच लाख रुपये प्रति माह की रंगदारी ने देने पर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार ने केशव सविता समेत उनके पुत्र एवं पत्नी पर फर्जी मुकदमे लादकर जेल भिजवा दिया। यही नहीं एसपी के आदेश पर तत्कालीन कबरई थानाध्यक्ष ने उनपर एक शातिर अपराधी की तरह थर्ड डिग्री का प्रयोग पत्नी और बच्चे के सामने किया। एसपी मणिलाल पाटीदार का मुख्य उद्देश्य पैसे वसूलना था अन्यथा उनका व्यवसाय खत्म करना था। केशव ने एसआईटी को बताया कि एसपी मणिलाल पाटीदार पैसे के लिए कुछ भी कर सकते थे। केशव ने एसआईटी के सामने बताया कि बीते फरवरी माह में एसपी द्वारा मांगे गए पैसे न देने की वजह से उनकी वैध विस्फोटकों से लदी हुई गाड़ी को जबरन महोबा कोतवाली में खड़ा कराया गया और उन्हें परिवार समेत फर्जी मुकदमो में फंसाया गया और इन्द्रकांत त्रिपाठी का मामला भी इसी क्रम का परिणाम है इन्द्रकांत त्रिपाठी सच कहने की वजह से मारे गए।

केशव सविता ने इस बात का उल्लेख भी एसआईटी के सामने किया कि कबरई में एसपी पाटीदार के निर्देशन पर अन्य व्यापारियों को भी फर्जी मुकदमे में फंसा कर जेल में ठूंसा गया है अतः इन मामलों की कड़ी से कड़ी जांच होनी चाहिए।

जांच कर रही है एसआईटी:

मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक एसआईटी का गठन किया गया है जिसमें विजय सिंह मीणा ( पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र), शलभ माथुर ( पुलिस उपमहानिरीक्षक, विशेष जांच सदस्य ) एवं अशोक कुमार त्रिपाठी ( पुलिस अधीक्षक- मानवाधिकार) शामिल है। मामले में एसआईटी के प्रमुख शलभ त्रिपाठी ने लोगों से अपील की है कि वह निर्भय होकर मामले के साक्ष्य दिनांक 18 एवं 19 सितंबर को महोबा पुलिस लाइन सभागार में दर्ज कराए।

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उदय बुलेटिन
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