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शिवसेना प्रमुख  श्री. उद्धव ठाकरे
शिवसेना प्रमुख श्री. उद्धव ठाकरे|Twitter
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मैं मन की बात नहीं करता लेकिन ‘जन की बात’ करने में विश्वास करता हूं - शिवसेना प्रमुख

शिवसेना प्रमुख ने मोदी सरकार की फसल बीमा योजना में हजारों करोड़ का घोटाला बताया है, उन्होंने कहा ‘‘लोगों को बीमा के अंतर्गत दो, पांच, 50, 100 रुपये का चेक मिला। 

AKANKSHA MISHRA

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बीड: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर लगातार हमलावर रुख में नजर आ रहे है। महाराष्ट्र के बीड जिले में एक पुस्तक का उद्धरण देते हुये शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि केन्द्र की फसल बीमा योजना ‘‘उसी तरह का एक बड़ा घोटाला’’ है जैसा राफेल लड़ाकू विमान सौदा है।

शिवसेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अक्सर होने वाले विदेशी दौरे पर निशाना साधते हुये उन्होंने कहा कि केवल भाषणों और घोषणाओं से लोगों की मदद नहीं होगी। उन्होंने भाजपा की अगुवाई वाली सरकार से आगामी चुनावों के लिए गठबंधन पर बातचीत पर विचार से पहले किसानों की समस्याओं को सुलझाने की मांग की।

मोदी ने 2015 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की थी जिसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोग के कारण अधिसूचित फसलों में से किसी के नुकसान होने पर किसानों को बीमा कवर और वित्तीय सहयोग मुहैया कराना था।

सूखा प्रभावित मराठवाड़ा क्षेत्र के अपने दौरे के दौरान महाराष्ट्र के बीड जिले में एक रैली को संबोधित करते हुये ठाकरे ने कहा कि बीमा कंपनियों को किस्तों का भुगतान करने के बाद सरकार की फसल बीमा योजना का कितने लोगों को लाभ मिला?

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को दो, पांच, 50, 100 रुपये का चेक मिला। मैं मन की बात नहीं करता (मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम का हवाला देते हुये) लेकिन ‘जन की बात’ करने में विश्वास करता हूं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि फसल बीमा योजना में हजारों करोड़ का घोटाला हुआ है।’’

ठाकरे ने कहा, ‘‘हमें किससे सवाल करना चाहिए? साईनाथ नाम का कोई है, जो इस विषय का विशेषज्ञ है जिसने एक किताब लिखा है। उन्होंने कहा है कि फसल बीमा घोटाला राफेल के जैसा एक बड़ा घोटाला है।’’

गौरतलब है कि विपक्षी कांग्रेस राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है लेकिन सरकार ने इससे इंकार किया है।

घोषणाओं के ‘बुलबुला’ होने का दावा करते हुये ठाकरे ने सरकार से ‘‘किसी भी गठबंधन वार्ता पर विचार करने से पहले किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए’’ कहा।

आपको बता दें कि शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र में सरकार का हिस्सा होने के बावजूद नियमित रूप से भाजपा पर निशाना साधती आई है। इसके नेताओं ने कई बार कहा है कि वे अगला चुनाव अपने दम पर लड़ेंगे। शिवसेना की राय राम मंदिर मुद्दे पर भी बीजेपी से अलग है। हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार और शिवसेना के मतभेदों को नकारते आये है।