गहलोत दे रहे थे भ्रस्टाचार पर ज्ञान, एसडीएम साहिबा वसूल रही थी रिश्वत

जिस वर्चुअल बैठक में सीएम गहलोत दे रहे थे भ्रष्टाचार पर ज्ञान, उसी बैठक में SDM पिंकी मीणा फ़ोन पर ले रही थीं रिश्वत
गहलोत दे रहे थे भ्रस्टाचार पर ज्ञान, एसडीएम साहिबा वसूल रही थी रिश्वत
बैठक में SDM पिंकी मीणा फ़ोन पर ले रही थीं रिश्वतGoogle Image

भारत मे रिश्वतख़ोरी एक राष्ट्रीय उपक्रम है, क्या थाना, क्या कलेक्ट्रेट, क्या आरटीओ और लगभग हर जगह सब जगह रिश्वतख़ोरी का बोलबाला है। कहने का मतलब बिन रिश्वत सब सून वाली कहानी है। एक मामला उत्तर प्रदेश से आया था जहां मरे हुए व्यक्तियों के शव के अंतिम संस्कार स्थल को बनाने के लिए भी भारी भरकम रिश्वत वसूली गयी थी जिसकी वजह से दो दर्जन से भी ज्यादा लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।

अब बेहद ताजा मामला गहलोत सरकार से सामने आया है जहाँ पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सभी जिलों के डीएम और एसडीएम को ईमानदारी की घुट्टी पिला रहे थे उसी वक्त महिला एसडीएम फोन पर रिश्वत के पैसे मंगा रही थी। मामले के खुलासे के बाद साहिबा को एंटी करप्शन ब्यूरो ने धर लिया है और मामले की पूँछताछ चल रही है।

मेडम पैसे के चक्कर मे मीटिंग को भूल गयी:

पुरानी कहावत है कि धन लोगों की आंखों पर पर्दा डाल देता है। ये कहावत उस वक्त चरितार्थ हो गयी जब राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत राज्य के कर्मचारियों को रिश्वतख़ोरी से बचाव के बारे में ज्ञान दे रहे थे तभी बांदी कुई की उप जिलाधिकारी पिंकी मीणा जी के पास एक फोन आया और इस दौरान मैडम से साफ-साफ लहजे में यह कहा कि अभी इन पैसों को कंपनी के लाइजनिंग अधिकारी के पास दे दो, इन पैसों में से आधे (पांच लाख रुपये)

दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल को दिए जाने की बात है और बांकी के रुपये मुझे पहुंचा दिए जाएंगे। दरअसल इस वाकये के दौरान एसडीएम मेडम अपनी वर्चुअल कांफ्रेंस के सिस्टम को ऑफ करना भूल गयी थी।

यहां आपको बताते चले कि यह जो वर्चुअल मीटिंग चल रही थी यह भी रिश्वतख़ोरी के मामले को लेकर थी, दरअसल राजस्थान के दौसा जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग गुजर रहा है, जिसमें किसानों की जमीनों के अधिग्रहण को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है , इस मामले में पहले भी रिश्वतख़ोरी का मामला सामने आया था जिसमे दौसा पुलिस अधीक्षक करप्शन ब्यूरो के रडार पर है। इस लिहाज से सरकार ने पारदर्शिता बनाने के लिए महिला एसडीएम समेत दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल को जमीन अधिग्रहण कराने की जिम्मेदारी दी, लेकिन इस वाकये के बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि ये कुछ ऐसा ही था जैसे बिल्ली को दूध की रखवाली का जिम्मा दिया जाए।

मेडम अब एंटी करप्शन ब्यूरो की पकड़ में है:

इस घटना के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने मुख्यमंत्री के साथ एसडीएम पिंकी मीणा जी की वर्चुअल मीटिंग के खत्म होने का इंतजार किया साथ ही यह ट्रैक किया कि आखिर एसडीएम साहिबा इस मामले में कहां तक पहुंचती है। एसडीएम पिंकी मीणा ने भी मीटिंग समाप्त होने के तुरंत बाद पैसे कलेक्ट किये और इसके साथ ही एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें रंगे हाथोँ गिरफ्तार कर लिया।

मामले को लेकर राजस्थान सरकार की लगातार किरकिरी होती जा रही है

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उदय बुलेटिन
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