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वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन कुमार
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन कुमार|IANS
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1984 Anti-Sikh Riot Case: 1984 के सिख दंगों में उम्रकैद की सजा पाने वाले सज्जन कुमार ने कांग्रेस छोड़ी

सज्जन कुमार ने हालांकि मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया था, लेकिन उनके वकील ने कहा कि वे दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में जाने की प्रक्रिया में हैं।

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नई दिल्ली | वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगे में दोषी ठहराए गए और मामले में आजीवन कारावास की सजा प्राप्त सज्जन कुमार सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) ने मंगलवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, लोकसभा के पूर्व सदस्य ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को लिखे पत्र में कहा है कि वह तत्काल प्रभाव से पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं।

बाहरी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से तीन बार चुने गए सज्जन कुमार को पार्टी ने उनकी दंगों में सलिप्तता के आरोपों के मद्देनजर वर्ष 2009 से टिकट नहीं देकर दरकिनार करना शुरू कर दिया था। दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने सोमवार को 84 के दंगों को 'मानवता के विरुद्ध अपराध' कहा था।

सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) ने हालांकि मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया था, लेकिन उनके वकील ने कहा कि वे दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में जाने की प्रक्रिया में हैं।

आपको बता दें कि, बीते सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने साल 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) को दोषी ठहराते हुए उन्हें ताउम्र कैद की सजा सुनाई थी। उन्होंने पत्र में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से कहा, ‘माननीय हाई कोर्ट द्वारा मेरे खिलाफ दिए गए आदेश के मद्देनजर मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल इस्तीफा देता हूं।'

इस बीच, माना जा रहा है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उन्होंने सज्जन कुमार के बारे में बयान देने से इनकार कर दिया।

संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि उनकी प्रेस वार्ता नरेंद्र मोदी और किसान ऋण मुद्दे पर है।

कुमार के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा, "मैंने दंगों पर अपना पक्ष बहुत ही स्पष्टता के साथ रख दिया है, यह प्रेस वार्ता किसानों के बारे में है।"

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को छोड़कर कांग्रेस के अधिकतर नेताओं ने इस मुद्दे पर बयान देने से दूरी बना रखी है। अधिकतर नेताओं का कहना है कि दोषी ठहराए जाने का 'राजनीतिकरण' नहीं किया जाना चाहिए।

--आईएएनएस