सबरीमाला : अदालत समीक्षा याचिकाओं पर विचार के बाद नई याचिकाओं पर सुनवाई करेगी  

पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के आदेश के बाद इन याचिकाओं पर होगी सुनवाई।
सबरीमाला : अदालत समीक्षा याचिकाओं पर विचार के बाद नई याचिकाओं पर सुनवाई करेगी  
सुप्रीम कोर्टIANS

नई दिल्ली | सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह सबरीमाला में 10 से 50 साल के बीच की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग करने वाली रिट याचिका पर समीक्षा याचिकाओं को निपटाने के बाद ही सुनवाई करेगा।

आपको बता दें कि, शीर्ष अदालत ने 28 सितंबर को भगवान अय्यप्पा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सभी प्रतिबंधों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद ये समीक्षा याचिकाएं दाखिल हुई थीं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर, न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की पांच न्यायाधीशों वाली पीठ के समक्ष यह समीक्षा याचिका शाम तीन बजे विचार के लिए सूचीबद्ध है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ की पीठ ने कहा कि केरल मंदिर में 10 से 50 साल उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग करने वाली चार याचिकाओं पर सुनवाई संविधान पीठ के पिछले फैसले के खिलाफ दाखिल समीक्षा याचिका पर निर्णय के बाद ही होगी।

गोगोई ने कहा कि अगर वे समीक्षा याचिकाओं को खारिज करने का निर्णय लेते हैं तो वह दाखिल चार नई याचिकाओं को अलग से सूचीबद्ध करने पर करेंगे।

हालांकि वे समीक्षा याचिकाओं को बरकरार रखने का निर्णय लेते हैं तो चारों रिट याचिकाओं को उनके साथ ही संलग्न कर दिया जाएगा।

यदि शीर्ष अदालत अपने फैसले पर पुनर्विचार का निर्णय लेती है तो इन तीन नयी याचिकाओं पर पुनर्विचार याचिकाओं के साथ ही सुनवाई की जायेगी। परंतु यदि न्यायालय पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर देता है तो इन नयी याचिकाओं पर उनके गुण दोष के आधार पर अलग से सुनवाई होगी।

दअसल सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के शीर्ष अदालत के 28 सितंबर के फैसले पर पुनर्विचार के लिये 48 याचिकायें दायर की गयी हैं। तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से यह फैसला सुनाया था।

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उदय बुलेटिन
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