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राजनाथ सिंह (Rajnath Singh)
राजनाथ सिंह (Rajnath Singh)|Gooogle
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कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि कई बार बोला गया झूठ सच में नहीं बदल सकता- राजनाथ सिंह

उच्च सदन में एक बार के अवकाश के बाद दोपहर दो बजे जब बैठक फिर शुरू हुई तो मुस्लिम महिला विवाह अधिकार सरंक्षण विधेयक 2018 को जब चर्चा के लिए लाया गया। 

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: कांग्रेस द्वारा राफेल सौदे की जांच (Rafale deal controversy) के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित करने की मांग करने और विपक्षी दलों द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध करने के कारण सोमवार को भोजनावकाश से पहले लोकसभा की कार्यवाही दो बार संक्षिप्त रूप से स्थगित हुई। हालांकि, विरोध के बीच लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल और शून्यकाल का संचालन किया।

संक्षिप्त स्थगन के बाद दोपहर में जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो कांग्रेस, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंचकर हंगामा करने लगे।

राफेल सौदे की जांच (Rafale deal controversy) के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग करते हुए कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि यह देश के सबसे बड़े 'घोटालों' में से एक है।

उन्होंने कहा, "हम तीन सप्ताह से जेपीसी JPC उन्होंने दावा किया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (सप्रंग) सरकार के सौदे के मुकाबले राफेल लड़ाकू विमान तीन गुना ज्यादा कीमत पर खरीदे गए हैं।

खड़गे ने कहा, "जब फ्रांस के राष्ट्रपति कह चुके हैं कि कीमतों का खुलासा किया जा सकता है तो सरकार कीमतों का खुलासा क्यों नहीं कर रही है।"

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप को खारिज करते हुए कहा कि बार-बार झूठ बोलने से यह सच नहीं बन जाता।

सिंह ने कहा, "कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि कई बार बोला गया झूठ सच में नहीं बदल सकता। हम पहले दिन से चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्षी पार्टी क्यों (चर्चा से) भाग रही है।"

हंगामे के बीच महाजन ने शून्यकाल का संचालन किया, लेकिन हंगामा थमता नहीं देखकर उन्हें सदन की कार्यवाही अपराह्न् दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

हंगामे के बीच, भाजपा सदस्य रवींद्र कुमार पांडे ने झारखंड में मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान नहीं किए जाने का मामला उठाया, जबकि बीजू जनता दल (बीजद) के भर्तृहरि महताब ने सिविल सेवा परीक्षाओं में सीसैट पेश किए जाने से अंग्रेजी माध्यम से नहीं पढ़े उम्मीदवारों के प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। कई अन्य सदस्यों ने भी विपक्ष के विरोध के बावजूद अपने मुद्दे उठाए।

कांग्रेस के सदस्य 36 'रेडी-टू-फ्लाई' राफेल लड़ाकू विमान सौदे की जांच (Rafale deal controversy) के लिए जेपीसी के गठन की मांग कर रहे थे, जबकि अन्नाद्रमुक सदस्यों ने कहा कि मेकेदातु में कावेरी नदी पर बांध बनाने के प्रस्ताव को जरूर वापस लिया जाना चाहिए।

तेदेपा ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाई। महाजन ने इससे पहले, जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो हंगामे के बीच प्रश्नकाल का संचालन किया।

हंगामा जारी रहने पर उन्होंने 10 मिनट के लिए दोपहर 12 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

--आईएएनएस