उदय बुलेटिन
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protest against railway privatization in ghaziabad
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देश

तेजस एक्सप्रेस की पहली दौड़ में बाधा , गाजियाबाद में रेलकर्मियों ने किया हंगामा

तेजस एक्सप्रेस का विरोध रेल कर्मचारी ही कर रहे हैं।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

भारत की बहुप्रतीक्षित तेजस ट्रेन की पहली चाल शुरू ही होनी थी कि पहली कमर्शियल रन में ही इस ट्रेन को रेलकर्मियों का विरोध झेलना पड़ा, गौरतलब हो कि  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ट्रेन को लखनऊ के चारबाग स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया , लेकिन जैसे ही ट्रेन गाजियाबाद पहुंची तो गाजियाबाद के रेलकर्मी पटरी पर उतर आए और तेजस ट्रेन के रास्ते को ब्लाक कर दिया, हालांकि मामले को हद से ज्यादा बढ़ते देख स्थानीय जीआरपी और गाजियाबाद पुलिस ने जैसे-तैसे संभालने की कोशिश की, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल भी प्रयोग किया।

क्यो हो रहा है विरोध ?

तेजस भारत की लंबे समय से प्रतीक्षित ट्रेन है, इसका प्रबंधन निजी क्षेत्र की कंपनियों के द्वारा किया जा रहा है, इसी निजीकरण को लेकर रेलकर्मी अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे है, हालकि इस मामले पर लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया आयी है, जहां कुछ लोग रेलवे को पूरी तरह सार्वजनिक क्षेत्र ही बना रहने की वकालत करते नजर आए तो वहीँ कुछ लोग रेलकर्मियों की लापरवाही और ट्रेन लेट जैसे मुद्दे पर रेल की गैरजिम्मेदाराना हरकतों को उजागर करते नजर आए।

तेजस ट्रेन का स्टाफ और सेवाएं:

लेट होने पर मिलेंगे रुपये :

तेजस ट्रेन में किराया अन्य समकक्ष ट्रेनों के मुकालबे काफी ज्यादा है, लेकिन इसमें सुविधाओं की भरमार है, ट्रेन अगर निर्धारित समय से एक घंटा लेट होती है तो यात्रियों को 100 रूपये वापस किये जायेंगे, और अगर यही लेट दो घंटे तक हो जाता है तो ट्रेन यात्रियों को 250 रुपये वापस किये जायेंगे।