इन्द्रकांत त्रिपाठी मामला: पूर्व एसपी महोबा पर घोषित हुआ 25000 का इनाम

सुनने में भले ही अटपटा लगे लेकिन यह सच है, यूपी एक आईपीएस अफसर पर 25 हज़ार का इनाम घोषित किया है
इन्द्रकांत त्रिपाठी मामला: पूर्व एसपी महोबा पर घोषित हुआ 25000 का इनाम
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उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में वर्तमान पुलिस अधीक्षक ने जिले के पूर्व एसपी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है, इनाम के घोषित होते ही पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार की तलाश तेज कर दी गयी है।

एसपी साहब पर घोषित हुआ इनाम:

उत्तर प्रदेश के महोबा जिला अन्तर्गत कस्बे कबरई के चर्चित इन्द्रकांत त्रिपाठी मामले में बेहद सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने आगे बढ़ते हुए पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार के ऊपर 25,000 (पच्चीस हजार रुपये) का इनाम घोषित किया गया है, ज्ञात हो कि कबरई के प्रसिद्ध पत्थर और विस्फोटक व्यापारी इन्द्रकांत त्रिपाठी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी, जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आत्महत्या करार दिया गया था। हालांकि इस मामले में इन्द्रकांत के परिजनों द्वारा लगातार यह आरोप लगाए जा रहे थे कि इस मामले में साजिशन हत्या कराई गई है और हत्या में तत्कालीन महोबा एसपी का पूरा पूरा हाँथ है। यहां आपको बताते चले कि तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार के अलावा एक अन्य उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही पर भी इतना ही इनाम घोषित किया है, ये दोनों लंबे वक्त से फरार चल रहे है।

पुलिस कर रही सरगर्मी से तलाश:

ज्ञात हो कि इन्द्रकांत त्रिपाठी मामले में आईपीएस मणिलाल पाटीदार के साथ साथ तत्कालीन कबरई एसओ देवेंद्र के साथ साथ सिपाही अरुण यादव फरार चल रहे थे, पुलिस ने सुरागरसी और सर्विलांस की मदद से तत्कालीन कबरई एसओ देवेंद्र शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन एसपी मणिलाल पाटीदार और सिपाही अरुण यादव लगातार फरार चल रहे थे।

किसी कोतवाल से कम नही सिपाही का जलवा:

सिपाही अरुण द्वारा पैसे की उगाही सहने वाले कबरई के व्यवसायियों ने उदय बुलेटिन को बताया कि सिपाही अरुण यादव का जलवा किसी कोतवाल से कम नही थी, सिपाही की हनक इतनी ज्यादा नही थी कि किसी थाने के एसओ द्वारा सिपाही की बात को नकार दिया जाए। लोगों के अनुसार सिपाही यादव एसपी मणिलाल पाटीदार का खास गुर्गा था और कमाई का सीधा-सीधा भारी प्रतिशत सिपाही के पास पहुंचाता था। यही कारण है कि सिपाही की तैनाती बाहर जिले में होने के बाद भी वह कबरई कस्बे में लगातार वसूली जारी किए था और बड़ी संख्या में निजी ट्रक चलवाता था।

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उदय बुलेटिन
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