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प्रधानमंत्री मोदी ASEAN-India शिखर सम्मेलन के दौरान अपने समक्ष के नेताओं के साथ 
प्रधानमंत्री मोदी ASEAN-India शिखर सम्मेलन के दौरान अपने समक्ष के नेताओं के साथ |IANS
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भारत-सिंगापुर हैकाथन के 6 विजेताओं को प्रधानमंत्री मोदी ने दिया पुरस्कार

पहले छह विजेताओं में से तीन भारत व तीन सिंगापुर से थीं। इन्हें अंतिम सत्र के बाद चुना गया था।

AKANKSHA MISHRA

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सिंगापुर | भारत-सिंगापुर हैकाथन के पहले छह विजेताओं को पुरस्कार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि यह मंच प्रौद्योगिकी, नवाचार व युवा शक्ति को बढ़ावा देगा।

शीर्ष छह टीमों में से तीन भारत व तीन सिंगापुर से थीं। इन्हें अंतिम सत्र के बाद चुना गया था।

भारत से विजेता टीम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर (आईआईटी खड़गपुर), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुचिरापल्ली (एनआईटी त्रिची) व एमआईटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे शामिल हैं।

सिंगापुर की विजेता टीमों में नानयांग टेक्नोलॉजिकल विश्वविद्यालय (एनटीयू) व सिंगापुर डिजायन व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसयूटीडी) शामिल हैं।

मोदी ने कहा, "सिंगापुर-भारत हैकाथन जैसे मंच हमारे युवाओं के कार्यो को दिखाने के लिए बेहतरीन मंच का कार्य करते हैं। ये दूसरे देशों व संस्थानों के युवाओं के नवाचार को सीखने के लिए भी मंच प्रदान करते हैं। यह हमारे छात्रों के लिए लाभकारी हैं।"

सिंगापुर व भारत की तीन-तीन विजेता टीमों के लिए प्रथम पुरस्कार 10,000 एसजीडी, दूसरा पुरस्कार 6,000 एसजीडी व तीसरे पुरस्कार 4000 एसजीडी की घोषणा की गई।

मोदी ने हैकाथन के विजेताओं से मिलने के बाद कहा कि वह दुनिया की समस्याओं को हल करने की उनकी प्रतिबद्धता व जोश से प्रभावित हैं।

प्रधानमंत्री मोदी पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन, आसियान-भारत अनौपचारिक बैठक व क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को सिंगापुर पहुंच थे।

आपको बता दें प्रधानमंत्री मोदी सिंगापुर के दो दिवसीय दौरे पर हैं। मोदी ने फिनटेक फेस्टिवल को संबोधित कर बुधवार को दो दिवसीय सिंगापुर यात्रा की शुरुआत की। यह फेस्टिवल वित्तीय प्रौद्योगिकी पर विश्व का सबसे बड़ा कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत 2016 में हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने संबोधन में कहा कि भारत और सिंगापुर आसियान देशों और भारत के लघु एवं मध्यम उपक्रमों को आपस में जोड़ने तथा वैश्विक स्तर पर विस्तृत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।