पीएम ने अबोध बच्ची के इलाज में लगने वाले बेहद महंगे इंजेक्शन का टैक्स माफ किया

एक इंजेक्शन की कीमत 16.5 करोड़ रुपये, पीएम मोदी ने अबोध बच्ची के इलाज के लिए किया अनोखा काम
पीएम ने अबोध बच्ची के इलाज में लगने वाले बेहद महंगे इंजेक्शन का टैक्स माफ किया
पीएम ने अबोध बच्ची के इलाज में लगने वाले बेहद महंगे इंजेक्शन का टैक्स माफ कियाGoogle Image

हालांकि एक इंजेक्शन का टैक्स माफी सुनकर आपको कोई ज्यादा फर्क नही पड़ा होगा लेकिन अगर आपको यह बताया जाए कि महज एक इंजेक्शन पर लगने वाला यह टैक्स साढ़े छः करोड़ रुपये था तो आपका कलेजा मुँह को आ जायेगा। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अपील पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस तरह के कदम को उठाया है जिसकी चारों तरफ तारीफ हो रही है।

क्या है पूरा किस्सा?

अगर आपको यह बताया जाए कि महज पांच वर्ष की एक बच्ची के इलाज के लिए इतना महंगा इंजेक्शन मंगाया जा रहा है तो आपको शायद ताज्जुब होगा लेकिन असलियत यही है मुम्बई की महज पांच वर्ष की एक बच्ची तीरा कामद एक बेहद गंभीर और बेहद रेयर बीमारी से जंग लड़ रही है। हालांकि जन्म के समय इस बीमारी के तीरा में न तो कोई लक्षण नजर आए न ही कोई तकलीफ। यहां आपको बताते चले कि तीरा जन्म के समय अन्य सामान्य शिशुओं से ज्यादा लंबी थी।

शायद इसी वजह से तीरा की माँ प्रियंका और पिता मिहिर ने अपनी बेटी का नाम तीरा रखा (अर्थात तीर के समान लंबी) हालाँकि जन्म के कुछ दिनों बाद ही तीरा को माँ के स्तनपान में तकलीफ होने लगी और दूध पीते वक्त दम घुटने जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती।

जांच में पता चला बेहद गंभीर बीमारी:

हालांकि स्तनपान की घटना को घरवालों ने गलत तरीके से स्तनपान कराने की गलती तक ही सीमित रखा लेकिन जब तीरा को वैक्सीनेशन के तहत पोलियो ड्रॉप पिलाई गयी उस वक्त भी तीरा उसी स्थिति में पहुँच गयी जिसपर प्रियंका मिहिर ने तीरा को हॉस्पिटल में दिखाया जहाँ पर SMA टाइप 1 नामक बीमारी से पीड़ित होना बताया।

डॉक्टरों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बीमारी का मुख्य कारण शरीर मे प्रोटीन के निर्माण करने वाले जीन न होने की वजह से शरीर मे प्रोटीन बनना बंद हो जाता है। जिस वजह से तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों में निर्जीवता आने लगती है साथ ही शरीर के अंग लकवा जैसी स्थिति में पहुँच सकते है, इलाज के दौरान ही तीरा के कई अंगों ने काम करना भी बंद कर दिया और एक फेफड़े की निष्क्रियता की वजह से तीरा को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा।

हालाँकि डॉक्टरों ने तीरा के इलाज में एक अमेरिकी इंजेक्शन की बात बताई जिससे काम सहज हो सकता है लेकिन उसकी कीमत सुनने के बाद तीरा के माता पिता के हाँथ पैर सूझ गए डॉक्टरों ने बताया कि इस इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपये तक हो सकती है।

क्राउड फंडिंग से जोड़े गए पैसे:

हालांकि तीरा के माता-पिता के सामने सबसे बड़ी समस्या थी कि यह पैसा कहां से जुटाया जाए इसमें सबसे बड़ी मदद मिली क्राउड फंडिंग के जरिये। इस माध्यम से तीरा के लिए पैसा तो जुटा लिया गया लेकिन इसके बाद असल समस्या सामने आई दरअसल इस इंजेक्शन को अमेरिका से मंगाने की वजह से करीब साढ़े छः करोड़ का टैक्स चुकाना पड़ता है। इसके लिए तीरा के माता पिता ने इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के माध्यम से अपील की। फडणवीस ने पीएमओ को एक पत्र लिखकर इस बारे में बताया और टैक्स माफ करने की अपील की।

पीएमओ ने कहा टैक्स माफ:

प्रधानमंत्री कार्यालय ने देवेंद्र फडणवीस के साथ हुए वार्तालाप और जवाब में बताया कि सरकार ने इस इंजेक्शन पर लगने वाली सभी टैक्स और फीस को माफ कर दिया है। तीरा के माता पिता इस टैक्स माफी को बहुत बड़ी राहत के तौर पर देख रहे है। डॉक्टरों ने भी इस इंजेक्शन के आने के बाद तीरा की हालत में अभूतपूर्व सुधार आने की बात कही है। हालाँकि देखना यह होगा कि इस इंजेक्शन के बाद तीरा को कैसा लाभ मिलता है।

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उदय बुलेटिन
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