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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी|INS
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कार्यकर्ता महाकुंभ-मोदी का कांग्रेस पर वार कहा “440 से 44 पर आई, फिर भी अहंकार नहीं गया”

मोदी ने कांग्रेस नेताओं को सलाह देते हुए कहा, “इस बात का आत्मचिंतन करो कि इतना बुरा क्यों हुआ, इतनी पराजय के बाद भी ये सुधरने को तैयार नहीं हैं।

AKANKSHA MISHRA

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भोपाल (आईएएनएस) :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां मंगलवार को कहा की लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों की संख्या में आई गिरावट पर चुटकी लेते हुए कहा कि '440 से 44 सीटों पर आ गए, मगर उनका अहंकार अभी भी नहीं गया।' साथ ही उन्होंने देश की सेवा करने का एक और मौका मांगा। जम्बूरी मैदान में आयोजित कार्यकर्ता महाकुंभ में मोदी ने जातिवादी राजनीति पर हमला करते हुए कहा, "वोट बैंक की राजनीति ने देश को दीमक की तरह तबाह किया है, आजादी के 70 साल बाद भी देश में जो बर्बादी आई है, वह वोट बैंक की राजनीति का ही नतीजा है। कई दल समूहों को बांटकर सत्ता पाने का खेल खेलते थे। वे सबका कल्याण नहीं चाहते थे, बल्कि सिर्फ कुर्सी का रास्ता बनाते थे। ऐसे लोगों ने देश को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा है और सामाजिक ताने- बाने को तहस-नहस कर दिया है।

कांग्रेस की बदहाली और सिकुड़ते जनाधार पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा, "ऐसी पार्टी जो 125 साल पुरानी हो, जिसने 50-60 साल देश पर राज किया हो, जिसके पास कई पूर्व मंत्री, पूर्व राज्यपाल, पूर्व सांसद-विधायक हों, ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी पार्टी को अब देश में सूक्ष्मदर्शी यंत्र लेकर ढूंढना पड़ता है कि किसी कोने में बची है या नहीं बची है।"

मोदी ने कांग्रेस नेताओं को सलाह देते हुए कहा, "इस बात का आत्मचिंतन करो कि इतना बेहाल क्यों हुआ, इतनी पराजय के बाद भी ये सुधरने को तैयार नहीं हैं। वर्ष 1984 में हमारी भी पराजय हुई थी, अटल जी समेत चुनाव हार गए थे, लेकिन हमने चुनाव हारने के बाद ईवीएम को गाली देकर चमड़ी बचाने का काम नहीं किया। पराजय के बाद संकल्प के साथ चले, देश की जनता को विश्वास दिलाया, और आज देश की जनता ने हम पर भरोसा किया।"

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हार के बाद भी कांग्रेस आत्मचिंतन को तैयार नहीं है, 440 से 44 हो गए, उसके बाद भी ये आत्मचिंतन को तैयार नहीं हैं। इसका कारण अहंकार है। वे मानते हैं कि ये गद्दियां सिर्फ उनके लिए ही हैं।

“अगला चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ जाएगा। हमारी ताकत कार्यकर्ता हैं, चुनाव हमें धनबल, बाहुबल से नहीं बल्कि जनबल से लड़ना है। वोट बैंक की राजनीति के लिए समाज में घोले जाने वाले जहर को रोकना होगा। यही कारण है कि तीन तलाक जैसे मुद्दों पर उस दल का नजरिया अलग है, जिसकी मुखिया महिला है।”

मोदी 

प्रधानमंत्री ने इशारों-इशारों में एससी-एसटी एक्ट संशोधन का जिक्र किए बिना कहा, "सबका साथ, सबका विकास सिर्फ चुनावी नारा नहीं है, बल्कि भाजपा का मकसद समाज के सभी वर्गो का विकास करना है, यही कारण है कि समाज के सभी वर्गो के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।"

मोदी ने राफेल का जिक्र किए बिना कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश में गठबंधन करने में सफल न होने वाली देश की सबसे पुरानी पार्टी दुनिया के देशों से गठबंधन कर रही है। कांग्रेस के इस रवैए को देश के जागरूक नागरिकों को समझना होगा।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, "भाजपा ऐसा दल है, जो एकात्म मानववाद को लेकर चलता है। ऐसा दल दुनिया में नहीं है जो मानवता की बात करता हो।"

मोदी ने आजादी के बाद के तीन आदर्श बताए। उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया और पंडित उपाध्याय ही आदर्श हैं। हमारा विश्वास समन्वय में रहा है।"