Yogi adityanath on up government jobs
Yogi adityanath on up government jobs|Google Image
देश

सरकार करेगी भर्ती प्रक्रिया में भयानक बदलाव, खुलेगा शोषण का नया द्वार

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की चाह रखने वालों के लिए अच्छी खबर नहीं हैं। यूपी की सरकारी नौकरी में अब 5 वर्ष तक संविदा के तौर पर काम करना होगा।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

सरकार ने संभावित इच्छा दर्शायी है कि वह नवनियुक्त कर्मियों को लगभग 5 साल तक संविदा में रखेगी और हर छह माह पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा और पांच साल के बाद ही पक्की नौकरी मिलेगी। इस मामले में सरकार का तर्क यह है कि कर्मियों के अंदर इस प्रकार से कर्तव्यनिष्ठा, देशभक्ति भरी जा सकती है।

सरकारी नौकरी अधिकारियों के रहमो करम पर:

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को भरने के लिए एमकेपीआई फार्मूले के तहत भरने का काम किया जाएगा एमकेपीआई अर्थात मिजरेबल की परफॉर्मेंस इंडिकेटर फार्मूला, इसका तातपर्य यह होगा कि किसी भी भर्ती में सबसे पहले नियुक्त में आये कर्मियों को पांच साल तक संविदा में रखा जाएगा साथ ही हर छह माह में कर्मी का मूल्यांकन कमेटी (जिसमें विभाग के कर्मी और उच्चाधिकारी शामिल होंगे) करेगी और अगर उसमे पर्याप्त अंक नहीं मिले तो कर्मी का सेवा काल कभी भी समाप्त किया जा सकता है।

पहले से नियुक्त कर्मी भी आएंगे दायरे में:

इस प्रणाली के लागू होने के बाद पहले से नियुक्त कर्मी जो हाल फिलहाल में नियुक्त हुए है या विज्ञापन निकला है या हाल फिलहाल में नियुक्त किये गए है उनसे भी इस प्रणाली के तहत शपथ पत्र लिया जाएगा ताकि सभी कर्मी इस प्रणाली के दायरे में आ सके।

लोगों ने कहा खुलेगा शोषण का नया दरवाजा:

लोगों ने सरकार को दी गयी इस सलाह को आड़े हाँथ लिया है और इस प्रणाली में कर्मियों का शोषण होने की बात कही है। लोगों का आरोप है कि इस प्रणाली में नवनियुक्त कर्मियों को केवल उच्चाधिकारियों की मर्जी के हिसाब से चलना होगा और हर प्रकार से उनकी बात माननी होगी। लोगों ने यह भी आरोप लगाए की इस प्रणाली के लागू होने के बाद महिला कर्मचारियों का शारीरिक शोषण होना भी आम बात हो जाएगी।

कौन बचेगा इस प्रणाली से?

सरकार के सूत्रों से यह जनाकारी मिली है कि इस प्रणाली से पीसीएस, पीपीएस, पीसीएस जे ही बाहर रहेंगे बांकी सभी विभागों के कर्मी और अधिकारी इस दायरे में आएंगे और उन्हें इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।

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उदय बुलेटिन
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