Prayagraj Station
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देश

रेल मंत्री ने जारी की तश्वीरें, इलाहाबाद की जगह हुए प्रयागराज स्टेशन। 

क्या सिर्फ नाम बदलने से रेलवे का दस्तूरों में बदलाव आ जायेगा, ये एक बड़ा सवाल है, हालाँकि पुराने ऐतिहासिक नामो को वापस लाना बहुत अच्छी बात है, लेकिन गंदगी, और अव्यवस्था से निजात मिल पाएगी? 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

रेलमंत्री ने जानकारी दी :

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके बताया कि अब इंतजार खत्म हुआ, अब जिन स्टेशनों को इलाहाबाद के नाम से जाना जाता था वह अब प्रयागराज के नाम से जाने जाएंगे।

क्या होगा लाभ ?

लाभ का तो पता नहीं कि इससे रेलवे के राजस्व और लोगों की सुविधा में क्या इजाफा होगा, हालाँकि पूर्व में इन सभी जगहों को प्रयाग के नाम से ही जाना जाता था। लेकिन बाद में इन्हें मुगल शासकों के नाम और उनके प्रतीकों को नाम दिया गया था। केंद्र की भाजपा सरकार और प्रदेश में काबिज भाजपा सरकार ने इन दिनों स्थानों, शहरों और रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने का बीड़ा उठाया हुआ है।

क्या रेलवे लेट लतीफी पर रोक लगा पायेगा ?

ये लगभग आधी सदी से आ रही बड़ी समस्या है, भारतीय रेल दुनिया मे लेटलतीफी के लिए बदनाम है, स्थानीय लोगों ने सरकार के काम की तारीफ की है लेकिन ट्रेनों की लेटलतीफी और स्टेशनों की बदहाली पर सब के अपने अपने सवाल है, जिनका जवाब किसी के पास नहीं है।

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उदय बुलेटिन
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