उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
Nirmala Sitharaman's husband
Nirmala Sitharaman's husband |Google
देश

देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर निर्मला सीतारमण के पति ने दे दिया ऐसा बयान

निर्मला सीतारमण के पति ने मोदी की अर्थव्यवस्था को फेल बताया है, इतना ही नहीं उन्होने सलाह दी है कि मोदी सरकार को पी. वी. नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह के अर्थव्यवस्था मॉडल को अपनाने को कहा है।

Puja Kumari

Puja Kumari

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि हमारे देश में आजकल मंदी की स्थिति छाई हुई है, लेकिन अफसोस तो इस बात का है कि सरकार किसी भी तरह से इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है। पर अब ये मुद्दा फिलहाल इतना तूल पकड़ चुका है कि हर कोई इसी पर बात कर रहा है। बीते दिनों रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि फिल्मों की कमाई अच्छी हो रही है तो इससे साफ समझना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था ठीक है, लेकिन ये तो रविशंकर प्रसाद समझ रहे हैं न पर सच तो कुछ और ही है।

ये हम नही कह रहे हैं भाई निर्मला सीतारमण के पति प्रकाला प्रभाकर का भी यही मानना है तभी तो एक लेख के जरिये सारी पोल खोलकर रख दी। अगर आप 14 अक्टूबर के 'The Hindu' का अखबार उठाकर देखेंगे तो उसमें निर्मला सीतारमण के पति ने एक लेख में प्रकाला प्रभाकर ने लिखा है कि हाल की सरकार के पास मौजूदा अर्थव्यवस्था को लेकर कोई रोडमैप नहीं है। इस लेख का शीर्षक है A lodestar to steer the economy यानी कि इकॉनोमी को चलाने के लिए एक ध्रुव तारे की आवश्यकता है।

इस लेख पर इतना गहन विचार करने की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि इसमें निर्मला सीतारमण के पति ने लिखा है कि भाजपा सरकार को अन्य सरकार की आलोचना करने के बजाय उन्हें पी. वी. नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह के अर्थव्यवस्था मॉडल से कुछ सीखना चाहिए।

इतना ही नहीं इसमे प्रभाकर ने यह भी कहा है कि भले ही मोदी सरकार देश के मंदी को अस्वीकार करने में लगी हुई है लेकिन जो आंकङे सामने आ रहे हैं उससे साफ जाहिर होता है कि सेक्टर दर सेक्टर स्थिति और भी ज्यादा दयनीय होती जा रही है।

इसके अलावा इन्होंने GDP के डाउन रेट और बेरोजगारी जैसे मुद्दे को भी उजागर किया है, कहा कि लोग अभी भी वेट कर रहे हैं कि सरकार उसकी स्थिति को सुधार सके।

खास बात तो उन्होंने यह कहा कि कई सालों से सरकार अर्थव्यवस्था की स्थिति को नजरअंदाज करते आ रही है, उनका कहना है कि जनसंघ के दिनों से ही भाजपा ने नेहरू की विचारधारा की आलोचना की। भाजपा ने हमेशा से ही सिर्फ नेति नेति की ही बात की कभी भी अपनी नीति को प्रस्ततउत नहीं किया।

प्रभाकर ने मोदी सरकार के अलावा अटल बिहारी वाजपेयी वाली सरकार को भी घेरे में ले लिया, उन्होंने कहा कि 1998 से 2004 तक देश में नॉन कांग्रेसी सरकार मौजूद थी लेकिन उस दौरान भी देश की अर्थव्यवस्था को लेकर ठोस कदम नही उठाया जा सका।

Nirmala Sitharaman's husband
Nirmala Sitharaman's husband
Google

ये तो हो गयी खामियां लेकिन प्रभाकर ने नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह के सरकार की नीतियों की तारीफ भी की, उन्होंने बताया कि इसके बाद जितनी भी सरकार बनी उन सभी ने इनके नीतियों को अच्छा बताया।

कांग्रेस सरकार जब सत्ता में आई तब उसे लगा कि पी. वी. नरसिम्हा राव की नीति बिल्कुल सही थी और इसी नीतियों को बनाये रखने के लिए कांग्रेस ने साल 2004 में मनमोहन सिंह को सरकार की कुर्सी के लिए चुना।

हालांकि भाजपा नेहरू की आलोचना करती है लेकिन इसके बजाय वो इन नीतियों पर अगर गौर कर लेती या समय रहते देश आर्थिक स्थिति में काफी हद तक सुधार आ सकता था। अगर अभी भी ये बात भाजपा को समझ आ जाती है तो देश के अर्थव्यवस्था में उन्नति होगी।