3 year old child death due to negligence of  Civil Hospital Doctors
3 year old child death due to negligence of  Civil Hospital Doctors|Uday Bulletin
देश

लखनऊ में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही, मात्र 10 प्रतिशत जले हुए बच्चे का गलत इलाज करके ले ली जान। 

और ये देश कोरोना से लड़ने की कवायद में है, जहाँ के पढ़े लिखे डॉक्टर थोड़ा सा जला हुआ ठीक नहीं कर पाए। 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सिविल हॉस्पिटल से जुड़ा हुआ है जहां लखनऊ के नजदीक निवासी बिंद्रा प्रसाद पाल निवासी गोयला चिनहट अपने तीन साल की उम्र के बच्चे को लेकर लखनऊ पहुंचे थे जहाँ उन्होंने अस्पताल प्रशासन को यह अवगत कराया कि उसका बच्चा शरीर के कुछ हिस्से में जल गया है और इलाज की जरूरत है। डॉक्टरों ने बेमन से इलाज करना शुरू तो किया लेकिन बच्चे को तब तक केवल जलन की तकलीफ थी, इलाज के दौरान ही मात्र दश प्रतिशत जले हुए बच्चे की मौत हो गयी। इस पर अस्पताल प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ लिया है।

गलत इलाज से हुई मौत :

मृतक शिशु के पिता बिंद्रा पाल ने बताया कि जब हम बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे बच्चा आराम से बात कर रहा था लेकिन अस्पताल में इलाज शुरू करने के लिए महिला सफाईकर्मी ने बच्चे के हाँथ में विगो लगाई। यहां ध्यान देने वाली बात है कि ये काम पैरामेडिक स्टाफ का होता है लेकिन सिविल अस्पताल के हाल इस कदर खराब है कि सफाईकर्मी को मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। इलाज के दौरान भी बच्चा बराबर हंस खेल रहा है लेकिन जैसे ही दूसरी महिला नर्स ने कोई इंजेक्शन लगाया तो बच्चे की हालत बिगड़ने लगी और सुबह करीब 11:30 के बाद बच्चे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

डॉक्टर ने परिजनों को धमकी दी :

मके पर शिशु के पिता बिंद्रा पाल ने जब इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर अनिल कुमार से बात की तो उन्होंने तैश में आकर अपने यहाँ इलाज न करने और मेडिकल कालेज रिफर करने की बात की। लेकिन तब तक बच्चा दम तोड़ चुका था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि ये सब सरकारी नशे में मस्त डॉक्टरों की मस्ती का नतीजा है जिसकी वजह से मात्र 10 प्रतिशत जला हुआ बच्चा काल के मुंह मे समा गया।

रिपोर्ट में हुई हेराफेरी :

मृतक की माँ माधुरी और पिता बिंद्रा ने अस्पताल प्रशासन पर तीखे आरोप लगाए उन्होंने मृतक प्रमाणपत्र में पहले 10 प्रतिशत लिखे जाने उसके बाद उसे 50 प्रतिशत लिखे जाने को लेकर आक्रोश जताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल अपनी गलती छुपाने के लिए तमाम प्रकार की चाल चल रहा है।परिजनों ने मौके पर तैनात डॉक्टर और महिला नर्स के खिलाफ सीएमओ, सीएमएस और पुलिस में लिखित शिकायत भी दी है। देखना यह है कि इन लापरवाहों पर क्या एक्शन लिया जाता है।

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उदय बुलेटिन
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