बाँदा जिले के लोहरा गाओं के लोग पानी के तरस रहे
बाँदा जिले के लोहरा गाओं के लोग पानी के तरस रहे |उदय बुलेटिन
देश

बाँदा में पीने के पानी को तरस रहे लोग, ग्रामीणों से कोरोना काल मे की जा रही है वसूली।

जलसंस्थान के द्वारा ऑपरेटर की शह पर की जा रही मनमानी, जल संस्थान ग्रामीणों को पीने का पानी नहीं दे रहा।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

लोहरा (बाँदा): कोरोना काल मे पानी लोगों की बेहद आवश्यक जरूरतों में शामिल है। लेकिन उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले के थाना मटौन्ध अंतर्गत ग्राम लोहरा में जलसंस्थान बाँदा और स्थानीय नलकूप ऑपरेटर की मिलीभगत से ग्रामीणों को न सिर्फ परेशान किया जा रहा है बल्कि ग्रामीणों को नोटिस देकर हजारों रुपये वसूलने का दबाव बनाया जा रहा है।

दो माह से नहीं मिला पानी:

ग्रामीणों ने उदय बुलेटिन को जानकारी दी कि गांव में करीब दो-ढाई माह पूर्व से पेयजल सप्लाई ऑपरेटर की शह से बंद कराया गया है। इस बाबत जब ग्रामीणों ने भूरागढ़ स्थित जलसंस्थान में जाकर शिकायत दर्ज कराई तो विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को पैसे जमा करने के लिए कहा। ग्रामीणों ने इस बारे में विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया कि आप गांव में पेयजल आपूर्ति बहाल करिये और ग्रामीणों के कनेक्शन जारी कराए जाएँ। इस पर अधिकारियों ने ग्रामीणों के नाम जारी किए गए वसूली नोटिस थमा दिए।

ग्रामीणों मे पानी के लिए मचा त्राहिमाम:

ग्रामीणों की हालत यह है कि इस वक्त गांव के अधिकांश नल सही तरीके से पानी देने में अक्षम है साथ ही जल संस्थान के साथ मिलकर नलकूप ऑपरेटर ने सरकारी नलकूप पर कब्जा करके रखा है तथा ग्रामीणों से लगातार यह कहता हुआ पाया जाता है कि मैं किसी भी हालत में लोगों को पानी नही देने दूंगा। और धीरे-धीरे यह पेयजल का कार्यक्रम बंद पड़ जायेगा तो पम्प के लिए बनी स्थान उसके कब्जे में रहेगा। शायद यही कारण है कि पूर्व में भी मोटर फूंकने का कारण दिखाकर नलकूप को महीनों बंद रखा जाता रहा है।

सरकारी नलकूप पर कब्जा
सरकारी नलकूप पर कब्जाउदय बुलेटिन

पम्प पर है निजी कब्जा:

साठगांठ का आलम यह है कि ऑपरेटर द्वारा गांव को पानी से वंचित रखा जा रहा है वहीँ जलसंस्थान के रहमो करम पर उसके बेटे को भी जलसंस्थान बाँदा में डेली बेस पर नौकरी दी गयी है। यही कारण है कि कई शिकायतों के बाद भी उक्त ऑपरेटर पर अभी तक एक भी विभागीय कार्यवाही नहीं की गई है और सरकारी पम्प पर भैंसे, ट्रैक्टर इत्यादि रखकर अवैध कब्जा किया जा रहा है।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com