उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
चिप आधारित ई-पासपोर्ट जारी करेगी मोदी सरकार
चिप आधारित ई-पासपोर्ट जारी करेगी मोदी सरकार|IANS-twitter
देश

चिप आधारित ई-पासपोर्ट जारी करेगी मोदी सरकार, नहीं हो सकेगी टेम्परिंग, जानें फायदे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां कहा कि एक केंद्रीकृत पासपोर्ट प्रणाली के तहत भारतीय नागरिकों को चिप आधारित ई-पासपोर्ट (e-passport) जारी करने पर काम चल रहा है।

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मंगलवार को यहां कहा कि एक केंद्रीकृत पासपोर्ट प्रणाली के तहत भारतीय नागरिकों को चिप आधारित ई-पासपोर्ट (E-Possport) जारी करने पर काम चल रहा है। उन्होंने यहां प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas), 2019 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "हमारे दूतावास और वाणिज्य दूतावास पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट से वैश्विक स्तर पर जोड़े जा रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "यह आप सभी के लिए पासपोर्ट (Possport) सेवा से जुड़ा एक केंद्रीकृत प्रणाली तैयार करेगा। इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए, चिप आधारित ई-पासपोर्ट (E-Possport) के लिए काम किया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि पीआईओ (भारतीय मूल के लोग) और ओसीआई (विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक) के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास यह है कि भारतीय खुश रहें और विदेश में जहां कहीं भी रहें, सुरक्षित रहें। प्रधानमंत्री ने कहा, "बीते साढ़े चार वर्षो में, विदेशों में मुश्किल में फंसे दो लाख से ज्यादा भारतीयों को सरकार और सरकार के प्रयासों द्वारा मदद पहुंचाई गई है।"

आपको बता दें कि, विदेश मंत्रालय ने ई-पासपोर्ट (E-Possport) जारी करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ई-पासपोर्ट (E-Possport) में लगी एक छोटी से चिप में पासपोर्ट धारक की पूरी डिटेल मौजूद होगी। लोगों को यह ई-पासपोर्ट (E-Possport) दिसंबर 2019 तक मिलने लगेगा। पहले इसे ट्रायल बेस पर जारी किया जाएगा, बाद में कमर्शियल रूप में लोगों को मिलेगा।

नासिक में होगी ई-पासपोर्ट की प्रिंटिंग

विदेश मंत्रालय ई-पासपोर्ट बनाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ई-पासपोर्ट की मैन्‍युफैक्‍चरिंग नासिक के इंडियन सिक्‍योरिटी प्रेस (आईएसपी) में होगी। इसके लिए आईएसपी को इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (आईसीएओ) द्वारा पासपोर्ट बनाने में यूज होने वाले ऑपरेटिंग सिस्‍टम को लेने का टेंडर डालने की अनुमति दी गई है। टेंडर प्रकिया पूरी होते ही पासपोर्ट बनना शुरू हो जाएगा।

चिप में होगी धारक की बायोमैट्रिक पहचान

ई-पासपोर्ट देखने में वर्तमान पासपोर्ट की तरह ही होंगे। इसमें एक चिप लगी होगी, जिसमें पासपोर्ट अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर के अलावा पासपोर्ट धारक का नाम, जेंडर, डेट ऑफ बर्थ और एक डिजिटल फोटो होगी। वहीं पासपोर्ट में मौजूद चिप में धारक की उंगलियों के निशान भी शामिल होंगे।

टेम्परिंग से मिलेगा छुटकारा

विदेश मंत्रालय ने ई-पासपोर्ट लाने का उद्देश्य मुख्य तौर पर सुरक्षा सुविधाओं में सुधार करना बताया है। वर्तमान में जो पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं, ई-पासपोर्ट उससे ज्यादा सुरक्षित होंगे। हाई सिक्योरिटी चिप लगे होने के कारण इसमें किसी भी प्रकार से टेम्परिंग करना संभव नहीं होगा। साथ ही इसका एयरपोर्ट जैसी जगहों पर भौतिक सत्यापन आसानी होगा। वर्तमान में 100 से अधिक देश ई-पासपोर्ट जारी कर रहे हैं। इस सूची में पाकिस्तान का नाम भी शामिल है।

आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित भारतीय प्रवासी (Pravasi Bharatiya Divas), सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने इस बात की घोषणा की है। इस वर्ष भारतीय प्रवासी सम्मेलन (Pravasi Bharatiya Divas), में 5,000 प्रतिनिधियों ने अपना पंजीकरण करवाया है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगनाथ समारोह के मुख्य अतिथि हैं। उन्होंने प्रवासियों तक पहुंचने के भारत के प्रयासों की सराहना की। इससे पहले, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोगों का अभिवादन किया।