भीड़तंत्र में सब जायज है, धर्म के नाम पर तुरंत बदले जाते है चश्मे !

दिल्ली के शहादरा जिले के अंतर्गत जगतपुरी इलाके की घटना !
भीड़तंत्र में सब जायज है, धर्म के नाम पर तुरंत बदले जाते है चश्मे !
Mob Violence in Delhi During EidSocial Media

ईद का दिन था लोग नमाज अदा कर के रास्ते से गुजर कर अपने अपने घरों की ओर जा रहे थे, तभी अचानक सफेद रंग की हौंडा सिटी कार बेतरीबी ओर रफ्तार से चलकर भीड़ की ओर आयी, गाड़ी रास्ते मे लगी रेढ़ियों और खड़ी कारो में टक्कर मारकर नमाजियों के बीच मे से गुजर गई, गनीमत रही कि कोई जान माल की हानि नही हुई, बस कुछ हल्का-फुल्का चुटहिल हुए है, उनको फौरी तौर पर प्राथमिक उपचार और जांच के बाद घर को रवाना किया गया।

लेकिन इस संभावित बड़ी दुर्घटना के बाद असल कहानी शुरू हुई

इस घटना को विदेशों में हुई लोन वुल्फ अटैक की तरह देखा जाने लगा, सोशल मीडिया में मुस्लिम लोगों की नमाज को बर्बाद करने, उन्हें मारने की बाते घुमाई जाने लगी और बमुश्किल 10 मिनिट के अंदर ही एक उन्मादी भीड़ पूरे जगतपुरी में तांडव मचाने लगी, डीटीसी बस उनके लिए सरल निशाना थी मकसद था गुस्सा निकालना (या दूसरे शब्दों में ख़ौफ़ पैदा करना)

प्रशासन के हाँथ पैर फूल गए सीसीटीवी फुटेज निकाली जाने लगी अपराधी की तलाश होने लगी,

शासन ईद की नमाज से लौटते लोगो को यह समझा रहा था कि यह किसी की मूर्खतापूर्ण हरकत है, लेकिन वहाँ कोई भी व्यक्ति इस तरह के एंगल को समझने के लिए तैयार ही नही था, लोगो के अनुसार "मुसलमानों को खत्म करने के लिए निशाने पर लिया जा रहा है और हम इसका जवाब देंगे"

खैर प्रशासन के दोनों हाँथ खाली थे , अगर भीड़ को समझाते या बल प्रयोग करते तो मामला अत्यधिक साम्प्रदायिक हो सकता था, खैर पुलिस ने अपना लक्ष्य गाड़ी चालक को पकड़ने का बनाया।

आखिर पुलिस की मेहनत रंग लाई, शाहरुख नाम का लड़का (बॉलीवुड वाले नही, उनको अपने बंगले मन्नत से निकलने की फुरसत नही है) और ये शाहरुख आशिक शाहरुख है(आशिक तो मन्नत वाले भी है,लेकिन वो नही है)  पकड़े गए, चोरी की गाड़ी के साथ, जनाब प्रेमिका के चक्कर मे गाड़ी चुरा कर भागे थे, नमाज के प्रोटेक्शन में लगे पुलिसकर्मियों को देखकर सिट्टी-पिट्टी खो दिए, ओर लगे चीज़ों को कुचलने, खैर पकड़ लिए गए है, प्रेमिका और उनके अन्य सम्बन्धो की पुलिस गहराई से जांच रही है, शाहरुख ने बताया कि पहले भी उनपर काफी सारे केस लंबित है या सजा मिल चुकी है, मतलब की पुराने घाघ है।

कानून अपना काम करेगा, सजा मिलेगी, और भविष्य में इन घटनाओं से सबक लेकर और सुरक्षित रहा जाएगा, लेकिन गाड़ी के निकलने से गिरफ्तारी के बीच जो नंगा नाच हुआ उसका जिम्मेदार कौन, इसकी भरपाई कौन करेगा, इस तरह की अफवाह से भरे संदेश भेजकर लोगो को उकसाना या ये आरोप मनगढ़ंत रूप से दूसरे धर्म पर मढ़कर देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचना कितना जायज है? किसी ना किसी को तो जवाबदेही लेनी पड़ेगी।

इस घटना के बाद दोनों तरफ से तमाम क्लिप मीडिया में वायरल हुए, एक ओर जहां लोगो ने इसे इस्लाम पर हमला बताया , दूसरे लोगो ने इसे ईद मनाने का रोचक तरीका बताया,

हमे धार्मिक चश्मे उतार कर समाज को देखना होगा

Mob Violence in Delhi During Eid
Live Eid 2019: आज देश मना रहा है ईद का जश्न, मुबारकबाद का दौर शुरू 

परेश रावल और अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म " ओ माय गॉड  में नायक कहता है कि " धर्म की मानव पर अधिकता या तो उसे डरपोक बना देती है या आतंकवादी"

फैसला आपके हाँथ, जो भी देखे, सुने, उसे परखे, समझे, नफा नुकसान देखे, फिर रिएक्ट करे !

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

No stories found.
उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com